सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट बोर्ड ने दान संग्रह में ₹18 करोड़ की विसंगति को स्वीकार किया है। इस मामले में 46 कर्मचारियों को निलंबित किया गया है और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से जांच की मांग की गई है।

मुख्य बातें

  • दान संग्रह में ₹18 करोड़ के अंतर का खुलासा हुआ है।
  • 46 कर्मचारियों को निलंबित किया गया और 9 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया।
  • ट्रस्ट ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) से जांच की मांग की है।
  • दर्शन के नाम पर अवैध वसूली और गूगल पे के जरिए लेनदेन को बंद किया गया है।

मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर में दान संग्रह को लेकर एक बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया है। मंदिर ट्रस्ट बोर्ड ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वीकार किया कि दान राशि के संग्रह में भारी खामियां (loopholes) थीं, जिसके कारण लगभग ₹18 करोड़ का अंतर दिखाई दे रहा है।

यह मामला तब गरमाया जब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने आरोप लगाया कि मंदिर के दान की राशि हर साल बड़ी मात्रा में गायब हो रही है। ट्रस्ट के अध्यक्ष सदानंद शंकर सारवंकर ने बताया कि कुछ पुराने तरीकों को अब बंद कर दिया गया है, जिसमें दर्शन के नाम पर अवैध वसूली और कर्मचारियों को Google Pay के जरिए भुगतान लेना शामिल था।

क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला केवल वित्तीय चोरी का नहीं है, बल्कि धार्मिक संस्थानों में पारदर्शिता की कमी को भी उजागर करता है। जब करोड़ों का दान सीधे ईश्वर के नाम पर आता है, तो उसकी जवाबदेही अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है।

मंदिरों में डिजिटल लेनदेन और सख्त ऑडिटिंग की कमी भ्रष्टाचार का मुख्य द्वार बनती है।

ट्रस्ट के ट्रस्टी राहुल तुकाराम लोंढे ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में दान राशि में भारी वृद्धि हुई है। जहां 2022-23 में वार्षिक संग्रह ₹106 करोड़ था, वहीं इस वर्ष बजट ₹182 करोड़ तक पहुंच गया है। इसी वृद्धि और पुराने आंकड़ों के बीच के अंतर को जांच के दायरे में लाया गया है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

सिद्धिविनायक मंदिर मुंबई के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक है, जहाँ प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। इतने बड़े स्तर पर होने वाले दान का प्रबंधन हमेशा से एक जटिल प्रक्रिया रही है, जिसका फायदा उठाकर कुछ कर्मचारी और दलाल अवैध रूप से धन का गबन करते थे।

क्या आप जानते हैं?: सिद्धिविनायक मंदिर के दान संग्रह में पारदर्शिता लाने के लिए अब सीसीटीवी कैमरों और डिजिटल ऑडिटिंग का सहारा लिया जा रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
अब तक 46 कर्मचारियों को निलंबित किया गया है और 9 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो फिलहाल जमानत पर हैं।

2. ट्रस्ट ने आगे क्या कदम उठाए हैं?
ट्रस्ट ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) को पत्र लिखकर इस पूरे मामले की गहन जांच करने का अनुरोध किया है।