CBI ने विजयवाड़ा में दक्षिण मध्य रेलवे के एक वरिष्ठ अनुभाग अभियंता और एक निजी व्यक्ति को ₹15 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह मामला ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग कार्यों के बोनस भुगतान से जुड़ा है।

मुख्य बातें

  • CBI ने दक्षिण मध्य रेलवे के वरिष्ठ अनुभाग अभियंता बापिरजू को गिरफ्तार किया।
  • आरोप है कि ₹15 लाख की रिश्वत बोनस जारी करने के बदले मांगी गई थी।
  • विशाखापत्तनम, हैदराबाद और विजयवाड़ा सहित कई स्थानों पर छापेमारी जारी है।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रविवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दक्षिण मध्य रेलवे के मुख्य सिग्नल और दूरसंचार इंजीनियर (परियोजनाओं) के कार्यालय में कार्यरत वरिष्ठ अनुभाग अभियंता बापिरजू और एक निजी व्यक्ति चांदू को गिरफ्तार किया है। इन दोनों पर एक व्यक्ति से ₹15 लाख की अवैध रिश्वत स्वीकार करने का आरोप है।

मिली जानकारी के अनुसार, यह भ्रष्टाचार का मामला 'ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग' (Automatic Block Signalling) कार्यों से संबंधित है। दो संयुक्त उद्यम कंपनियों (Joint Venture Companies) को आवंटित इन कार्यों का बोनस जारी करने के बदले में रिश्वत की मांग की गई थी। CBI ने इस मामले में अज्ञात लोक सेवकों और एक निजी कंपनी के प्रतिनिधियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि रेलवे जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के विकास में भ्रष्टाचार न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि सुरक्षा और तकनीकी मानकों के साथ भी समझौता कर सकता है। सिग्नलिंग कार्यों में भ्रष्टाचार सीधे तौर पर रेल यात्रियों की सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है।

रेलवे परियोजनाओं में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति ही बुनियादी ढांचे की अखंडता सुनिश्चित कर सकती है।

CBI की टीमें वर्तमान में विशाखापत्तनम, पीठापुरम, विजयवाड़ा और हैदराबाद में विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। जांच का दायरा बढ़ने की संभावना है क्योंकि इसमें कई अन्य अधिकारियों की संलिप्तता के संकेत मिले हैं। गिरफ्तार आरोपियों को सोमवार को CBI की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारतीय रेलवे में सिग्नलिंग सिस्टम का आधुनिकीकरण एक बड़ी प्रक्रिया है। ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। हाल के वर्षों में, रेलवे के आधुनिकीकरण परियोजनाओं में भ्रष्टाचार के मामलों में वृद्धि देखी गई है, जिससे जांच एजेंसियों को कड़ी निगरानी रखनी पड़ रही है।

क्या आप जानते हैं?: ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग तकनीक ट्रेनों की गति और सुरक्षा को बढ़ाने के लिए रेल पटरियों पर सेंसर और सिग्नल का उपयोग करती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. आरोपी किन पर काम कर रहे थे?
आरोपी दक्षिण मध्य रेलवे के सिग्नल और दूरसंचार विभाग में कार्यरत थे।

2. रिश्वत की राशि क्या थी?
आरोप है कि ₹15 लाख की रिश्वत की मांग की गई थी।