राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और रोमानिया के राष्ट्रपति निकुसोर दान ने अगले तीन वर्षों में दोहरी व्यापार लक्ष्य तय किया। रक्षा, प्रौद्योगिकी और सांस्कृतिक सहयोग को भी गहरा करने की योजना बनी।

मुख्य बिंदु

  • भारत-रोमानिया व्यापार को 2029 तक दोगुना करने का लक्ष्य
  • रक्षा, विज्ञान‑प्रौद्योगिकी और शिक्षा में सहयोग बढ़ेगा
  • 80 साल की राजनयिक साझेदारी को "इंडिया‑रोमानिया इन्नोवेशन वर्ष" के रूप में मनाया जाएगा

सम्पूर्ण समझौता

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और रोमानिया के राष्ट्रपति निकुसोर दान ने बुखारेस्ट में आयोजित मुलाकात में व्यापार, रक्षा और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में सहयोग को तीव्र करने पर सहमति व्यक्त की। दोनों पक्षों ने अगले तीन साल में द्विपक्षीय व्यापार को दो गुना करने का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किया।

मुर्मु ने कहा, "हमने पिछले वर्षों की प्रगति का मूल्यांकन किया और दोनों देशों के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने पर समझौता किया।" इस समझौते में आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुदृढ़ करना, निवेश को आकर्षित करना और व्यवसायिक संबंधों को मजबूत करना प्रमुख बिंदु थे।

इतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत और रोमानिया ने 1948 में राजनयिक संबंध स्थापित किए थे, और 2028 में 80वीं वर्षगाँठ मनाने वाला है। इस अवधि में दोनों देशों ने कई सांस्कृतिक, शैक्षणिक और आर्थिक सहयोग कार्यक्रम चलाए हैं, जिनमें बुखारेस्ट विश्वविद्यालय में भारतीय अध्ययन कुर्सी की स्थापना भी शामिल है।

रक्षा और प्रौद्योगिकी सहयोग

रक्षा के क्षेत्र में नियमित आदान‑प्रदान, प्रशिक्षण और उद्योग‑से‑उद्योग संवाद को बढ़ावा देने पर सहमति बनी। साथ ही विज्ञान‑प्रौद्योगिकी में संयुक्त शोध, हरित हाइड्रोजन, डिजिटल बुनियादी ढाँचा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पर सहयोग को विस्तारित करने की योजना है।

"भारत‑रोमानिया व्यापार का दोहरा लक्ष्य दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक रणनीतिक मोड़ है," अंतरराष्ट्रीय व्यापार विशेषज्ञ प्रो. अंजलि सिंह ने कहा।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that doubling trade with a EU member like Romania will open new market corridors for Indian SMEs, while giving Romania access to India's fast‑growing tech and pharma sectors. This partnership could set a template for India’s broader EU engagement.

Did You Know?: रोमानिया 2024 में यूरोपीय यूनियन के सबसे बड़े सौर ऊर्जा निर्यातकों में से एक बन गया था, जिससे भारत‑रोमानिया ऊर्जा सहयोग की संभावनाएँ बढ़ रही हैं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या यह लक्ष्य प्राप्त करने के लिए विशेष नीतियों की आवश्यकता होगी?

उत्तर: हाँ, दोनों देशों को शुल्क में छूट, निवेश प्रोत्साहन और तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रमों को तेज़ करना पड़ेगा।

प्रश्न 2: इस समझौते से भारतीय निर्यातकों को कौन‑से नए अवसर मिलेंगे?

उत्तर: फार्मास्यूटिकल्स, ग्रीन हाइड्रोजन, एआई‑आधारित सेवाएँ और कृषि‑उत्पादों की मांग में वृद्धि की उम्मीद है।