IIITDM‑K ने अपने 8वें दीक्षांत समारोह में 250 स्नातकों को डिग्री दी। पद्मश्री येला वेंकटेश्वर राव ने उन्हें समाज के उत्थान और राष्ट्र निर्माण में अपने ज्ञान का उपयोग करने का आह्वान किया।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- 250 छात्रों को डिग्री प्रदान की गई
- पद्मश्री येला वेंकटेश्वर राव ने प्रेरणादायक संदेश दिया
- स्थापना ने 77% प्लेसमेंट दर हासिल की
भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी, डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग कर्नूल (IIITDM‑K) ने शनिवार को अपने आठवें दीक्षांत समारोह का आयोजन किया, जिसमें बी.टेक, एम.टेक, द्वि‑डिग्री और पीएच.डी. कार्यक्रमों के 250 स्नातकों को डिग्री प्रदान की गई। यह समारोह संस्थान की शैक्षणिक प्रगति और उद्योग‑शिक्षा सहयोग का प्रतीक है।
मुख्य अतिथि का प्रेरणादायक संबोध
पद्मश्री येला वेंकटेश्वर राव, शास्त्रीय संगीत के प्रखर शासक और मृदंग के माहिर, इस समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने छात्रों को निरंतर सीखने, विनम्रता और नैतिक मूल्यों के साथ उत्कृष्टता की खोज करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि तकनीकी ज्ञान का वास्तविक मूल्य तब ही प्रकट होता है जब वह समाज की भलाई और राष्ट्र निर्माण में योगदान दे।
संस्थान की शैक्षणिक उपलब्धियां
डायरेक्टर बी.एस. मूर्ति ने 2025‑26 शैक्षणिक वर्ष की रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, रोबोटिक्स, अनमैनड एरियल सिस्टम और उद्यमिता जैसे अंतरविषयक माइनर कार्यक्रमों को प्रमुखता दी गई। 65% से अधिक छात्रों ने इन विशेषीकरणों को चुना, जिससे बहु‑विषयक सीखने का वातावरण मजबूत हुआ।
प्लेसमेंट और पैकेज की उपलब्धियां
पिछले प्लेसमेंट सत्र में 93 कंपनियों ने 101 नौकरी प्रस्तावों के साथ 77% प्लेसमेंट दर हासिल की। टॉप पैकेज ₹65 लाख था, जबकि औसत पैकेज ₹11.68 लाख प्रति वर्ष रहा। माइक्रोसॉफ्ट, अमेज़न, इन्फोसिस, डेलॉइट, आईबीएम, कैशफ्री पेमेंट्स और टीसीएस जैसी अग्रणी कंपनियों ने छात्रों को आकर्षित किया।
इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं सतत विकास पहल
साल भर में संस्थान ने कई बुनियादी विकास किए, जिनमें छात्रावासों का विस्तार, 500 kWp की सोलर रूफटॉप पावर प्लांट की कमीशनिंग, और अंतरविषयक कार्यक्रम केंद्र (Centre for Interdisciplinary Programs) की स्थापना शामिल है। ये पहल छात्रों को उद्यमी‑मानसिकता और उद्योग‑उन्मुख अनुसंधान के लिए तैयार करती हैं।
डिग्री प्राप्त करना केवल एक समाप्ति नहीं, बल्कि निरंतर नवाचार, सीखने और सामाजिक जिम्मेदारी की यात्रा की शुरुआत है। IIITDM‑K के स्नातक अब अपने ज्ञान को सामाजिक चुनौतियों के समाधान में लगाकर भारत के भविष्य को आकार देंगे।