तमिलनाडु के राजस्व मंत्री के.ए. सेंगोट्टैयान ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री एम.जी. रामचन्द्रन (MGR) और जयललिता द्वारा शुरू किए गए सुधारों के कारण ही आज राज्य में उच्च शिक्षा का विस्तार हुआ है। उन्होंने छात्रों के लिए कल्याणकारी योजनाओं को और मजबूत करने का आश्वासन दिया।
मुख्य बातें
- MGR द्वारा 'प्लस टू' प्रणाली की शुरुआत ने उच्च शिक्षा के द्वार खोले।
- जयललिता द्वारा बालिकाओं के लिए शुरू की गई वित्तीय सहायता योजनाओं ने महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया।
- तमिलनाडु में वर्तमान में सैकड़ों इंजीनियरिंग, मेडिकल और आर्ट्स कॉलेज कार्यरत हैं।
- सरकार मुफ्त लैपटॉप योजना को पुनर्जीवित करने और नए स्कूल यूनिफॉर्म लाने पर विचार कर रही है।
तमिलनाडु के राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री के.ए. सेंगोट्टैयान ने शुक्रवार को ईरोड के कवुंडापाडी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राज्य की शैक्षिक प्रगति पर महत्वपूर्ण टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में उच्च शिक्षा का वर्तमान विस्तार पूर्व मुख्यमंत्री एम.जी. रामचन्द्रन (MGR) और जयललिता द्वारा लिए गए दूरदर्शी निर्णयों का परिणाम है।
मंत्री ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए बताया कि 1980 में जापान यात्रा से लौटने के बाद, MGR ने शिक्षा व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव किया। उन्होंने तत्कालीन शिक्षा मंत्री अरंगनायगम के माध्यम से प्री-यूनिवर्सिटी कोर्स को हटाकर 'प्लस टू' प्रणाली लागू की। इस कदम ने छात्रों के लिए कॉलेज तक पहुंचना आसान बना दिया। इसके अलावा, स्व-वित्तपोषित संस्थानों (Self-financing institutions) को अनुमति देने से राज्य में शैक्षणिक संस्थानों की बाढ़ आ गई।
शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्ध आंकड़े
सेंगोट्टैयान ने बताया कि MGR की नीतियों के कारण ही आज तमिलनाडु में विविध शिक्षण संस्थानों का एक मजबूत नेटवर्क है:
| संस्थान का प्रकार | संख्या |
|---|---|
| इंजीनियरिंग कॉलेज | 492 |
| मेडिकल और संबद्ध संस्थान | 37 |
| कृषि कॉलेज | 31 |
| कला और विज्ञान कॉलेज | 273 |
जयललिता के योगदान पर प्रकाश डालते हुए, मंत्री ने कहा कि उन्होंने बालिकाओं की शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए 50,000 रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट और अनाथ लड़कियों के लिए 75,000 रुपये की सहायता राशि जैसी योजनाएं शुरू की थीं। उन्होंने कहा कि इन महिला सशक्तिकरण उपायों ने राज्य में सामाजिक बदलाव लाया है।
क्यों यह महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, तमिलनाडु का शिक्षा मॉडल अन्य राज्यों के लिए एक ब्लूप्रिंट है। बुनियादी ढांचे (जैसे 91 लाख साइकिलों का वितरण) और वित्तीय सहायता का संयोजन यह सुनिश्चित करता है कि आर्थिक बाधाएं शिक्षा के मार्ग में न आएं।
शिक्षा केवल साक्षरता नहीं, बल्कि सामाजिक गतिशीलता का सबसे शक्तिशाली उपकरण है।
मंत्री ने भविष्य की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार मुफ्त लैपटॉप योजना को फिर से शुरू करने और सरकारी स्कूलों के छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए बेहतर यूनिफॉर्म प्रदान करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने शिक्षकों की मांगों को भी जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: MGR ने शिक्षा प्रणाली में क्या मुख्य बदलाव किया था?
उत्तर: उन्होंने प्री-यूनिवर्सिटी कोर्स को हटाकर 'प्लस टू' प्रणाली लागू की थी, जिससे कॉलेज प्रवेश आसान हो गया।
प्रश्न 2: तमिलनाडु सरकार छात्रों के लिए कौन सी नई योजनाएं ला सकती है?
उत्तर: सरकार मुफ्त लैपटॉप योजना को पुनर्जीवित करने और बेहतर स्कूल यूनिफॉर्म प्रदान करने पर विचार कर रही है।