नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने प्रश्नपत्रों में गंभीर त्रुटियों के कारण अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र की UGC-NET जून 2026 परीक्षा रद्द कर दी है। परीक्षार्थियों के लिए अब नई तारीखों का ऐलान कर दिया गया है और इसके लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।
मुख्य बिंदु
- अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र की परीक्षा दोबारा होगी।
- प्रश्नपत्रों में व्याकरण, अनुवाद और तथ्यों की गलतियां पाई गईं।
- अभ्यर्थियों को कोई अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं देना होगा।
- बाकी 84 विषयों के परिणाम निर्धारित समय पर आएंगे।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए UGC-NET जून 2026 परीक्षा के तीन प्रमुख विषयों—अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र—को रद्द कर दिया है। यह निर्णय परीक्षा के बाद प्राप्त हुई शिकायतों और एक विशेषज्ञ समिति की जांच के बाद लिया गया है।
प्रश्नपत्रों में मिली गंभीर खामियां
जांच में यह सामने आया कि इन तीन विषयों के प्रश्नपत्रों में न केवल टाइपिंग और व्याकरण की गलतियां थीं, बल्कि तथ्यों और अनुवाद (Translation) में भी बड़ी त्रुटियां थीं। विशेषज्ञों ने पाया कि प्रसिद्ध विद्वानों के नाम गलत लिखे गए थे और कुछ प्रश्न पुराने पैटर्न के थे, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे थे।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, NTA का यह कदम परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए आवश्यक था। केवल 'चैलेंज प्रोसेस' के माध्यम से इन गंभीर त्रुटियों को ठीक करना संभव नहीं था, इसलिए पूरी परीक्षा को दोबारा आयोजित करने का निर्णय लिया गया ताकि किसी भी छात्र का भविष्य प्रभावित न हो।
प्रश्नपत्रों में त्रुटियों के कारण दोबारा परीक्षा आयोजित करना छात्रों के भविष्य के साथ न्याय करने का एकमात्र तरीका है।
नया परीक्षा शेड्यूल
NTA ने निम्नलिखित नई तिथियां घोषित की हैं:
| विषय | तारीख | शिफ्ट/समय |
|---|---|---|
| अंग्रेजी | 9 सितंबर 2026 | पहली पाली (9 AM - 12 PM) |
| कॉमर्स | 9 सितंबर 2026 | दूसरी पाली (3 PM - 6 PM) |
| समाजशास्त्र | 10 सितंबर 2026 | पहली पाली (9 AM - 12 PM) |
NTA ने स्पष्ट किया है कि अन्य 84 विषयों के परिणाम अपने मूल कार्यक्रम के अनुसार ही घोषित किए जाएंगे। इससे JRF आवंटन और पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में कोई बाधा नहीं आएगी।
Frequently Asked Questions
1. क्या मुझे दोबारा परीक्षा के लिए पैसे देने होंगे?
नहीं, NTA ने स्पष्ट किया है कि री-एग्जाम के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।
2. क्या अन्य विषयों के छात्रों पर इसका असर पड़ेगा?
नहीं, केवल अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र के छात्रों को ही प्रभावित किया गया है।