बिग हिट म्यूजिक ने BTS के ‘Swim’ गाने पर लगाए गए प्लैजेरिज़्म आरोपों को झूठा ठहराते हुए कहा है कि यह एक‑तरफ़ा दावा है। कंपनी ने अमेरिकी लेखकों के खिलाफ दायर मुकदमे का कड़ा कानूनी प्रतिरोध करने का इरादा जताया है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • बिग हिट म्यूजिक ने ‘Swim’ पर प्लैजेरिज़्म आरोपों को निरस्त किया
  • अमेरिकी लेखकों ने कॉपीराइट उल्लंघन का मुकदमा दायर किया
  • कंपनी ने कानूनी रास्ते से पूरी लड़ाई लड़ने का संकल्प जताया

दक्षिण कोरिया के पॉप दिग्गज बिग हिट म्यूजिक ने BTS के नया सिंगल ‘Swim’ को लेकर लगाए गए प्लैजेरिज़्म आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। यह गाना समूह के पाँचवें स्टूडियो एल्बम Arirang का प्रमुख ट्रैक है और रिलीज़ के बाद से ही संगीत उद्योग में झुंझलाहट का कारण बना हुआ है।

पृष्ठभूमि

अमेरिकी गीतकार Steve Cooper, John Sandler और Graylyn Johnson ने हाल ही में एक मुकदमा दायर किया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि ‘Swim’ उनके द्वारा लिखे गए डेमो का प्रतिरूप है। उनके अनुसार, इस डेमो को 2025 में कई संगीत कंपनियों के साथ साझा किया गया था, जिसमें HYBE अमेरिका की टीम भी शामिल थी।

कानूनी पहलू

मुकदमे में HYBE, उसकी अमेरिकी शाखा HYBE America और बिग हिट म्यूजिक को प्रतिवादी के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। Ryan Tedder (OneRepublic) और BTS के सदस्य RM को भी रचनात्मक योगदानकर्ता के तौर पर नामित किया गया, परंतु कोई भी BTS सदस्य प्रतिवादी नहीं बनाया गया। संगीत विज्ञानी Alexander Stewart ने दोनों रचनाओं की तुलना की और यह कहा कि कोरस में दोहराए जाने वाले शब्द और संगीत संरचना में उल्लेखनीय समानताएँ हैं, जिससे यह आरोप अधिक विश्वसनीय लग रहा है।

बिग हिट म्यूजिक की प्रतिक्रिया

10 जुलाई को कंपनी ने आधिकारिक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि यह मुकदमा “एक‑तरफ़ा” है और ‘Swim’ पूरी तरह से स्वतंत्र रूप से निर्मित किया गया था। उन्होंने कहा कि वे इस मामले को “सख्त कानूनी साधनों” से लड़ेंगे और न्यायालय की मदद से अपने अधिकारों की रक्षा करेंगे।

भविष्य की संभावनाएँ

यदि अदालत इस आरोप को स्वीकार करती है, तो यह K‑pop उद्योग में कॉपीराइट जागरूकता को नई दिशा दे सकता है। दूसरी ओर, यदि बिग हिट म्यूजिक सफलतापूर्वक अपना बचाव कर लेता है, तो यह भविष्य में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को सुदृढ़ करने की संभावनाएँ पैदा करेगा। उद्योग विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह के मुकदमों से कलाकारों के रचनात्मक अधिकारों की सुरक्षा के लिए स्पष्ट कानूनी ढांचा तैयार होगा।