भारी बारिश के कारण गाज़ीअबाद में एक 3 साल की बच्ची की मौत हो गई, जबकि नॉएडा‑गाज़ीअबाद में जलभराव, ट्रैफ़िक जाम और एक सड़क का गड्ढे में गिरना देखा गया। यह घटना शहरी बुनियादी ढाँचे की कमियों को उजागर करती है।
नोएडा‑गाज़ीअबाद क्षेत्र में लगातार तेज़ बरसात ने शहर को अभूतपूर्व जलभराव की स्थिति में डाल दिया। गाज़ीअबाद के वासुंधरा सेक्टर‑13 में एक आवासीय सड़क ने अचानक ढहकर एक गहरा गड्ढा बना दिया, जिससे एक कार और स्कूटर फंस गए। उसी समय, गाज़ीअबाद के एक निवासी के घर के बाहर जमा हुए पानी में 3 साल की बच्ची पल्लवी फिसल गई और तुरंत ही डूबी।
घटना का विस्तृत विवरण
शाम के समय, पल्लवी अपने घर से बाहर निकली और ओवरफ़्लो हो रहे सड़क नाली के पास फिसल गई। पिता सुमित कुमार ने बताया कि नाली पूरी तरह से पानी से भर गई थी और अचानक उसकी बेटी का पैर फिसल गया। पुलिस ने तुरंत मामले को दर्ज किया और जांच शुरू की।
सड़क का ढहना और वाहन क्षति
वास्तव में, वासुंधरा सेक्टर‑13 में एक निर्माणाधीन बेसमेंट के निकट जमीन को लगभग 20 फीट खोदा गया था, लेकिन सुरक्षा उपायों की कमी के कारण भारी बारिश में जमीन कमजोर हो गई। सुबह 8 बजे आसपास की सड़क ढह गई, जिससे एक पार्क की गई कार और स्कूटर गड्ढे में गिर गए। वाहन मालिक अजय अग्रवाल ने निर्माणकर्ता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है और क्षतिपूर्ति की मांग की है।
नोएडा में जलभराव और ट्रैफ़िक अटकना
नोएडा के सेक्टर‑16, 33 और 12 में घुटनों तक पानी भर गया, जिससे पैदल यात्रियों और दोपहिया सवारों को कठिनाई का सामना करना पड़ा। कई मोटरसाइकिलें और स्कूटर जल में फँस कर इंजन बंद हो गया, जिससे यात्रियों को हाथ से धकेलना पड़ा। बॉटैनिकल गार्डन क्षेत्र में ट्रैफ़िक जाम अत्यधिक था, जबकि पुलिस ने प्रमुख चौराहों पर नियंत्रण स्थापित किया।
शिक्षा संस्थानों की बंदी और मौजूदा चिंताएँ
बारिश के कारण गाज़ीअबाद जिले ने सरकारी स्कूलों को छुट्टी पर रखा, जिससे छात्रों की पढ़ाई में बाधा आई। स्थानीय एनजीओ नोएडा सिटिजन फोरम की कार्यकारी अध्यक्ष शालिनी सिंह ने कहा कि यह बार-बार होने वाली बाढ़ शहर की प्रशासनिक विफलता को दर्शाती है और जल निकासी के अनुबंधों में पारदर्शिता की माँग की।
इन घटनाओं ने नगर निगम की बुनियादी ढाँचे की अपर्याप्तता और मौसमी तैयारी में खामियों को स्पष्ट किया है, जिससे भविष्य में ऐसे आपदाओं से बचने के लिए ठोस उपायों की आवश्यकता है।