मुंबई के विख्रोली और मानखुर्द में लगातार बाढ़ और भू-स्खलन के खतरे के बावजूद, कई परिवार अपने दशकों पुराने घर छोड़ नहीं पा रहे हैं। वे सीमित विकल्पों, भरोसे‑भरे वादों और सरकारी असहायता के बीच फँसे हैं।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- बाढ़‑संकट में भी मुंबई के स्लम निवासी अपने घर नहीं छोड़ रहे।
- बीएमसी की वार्षिक चेतावनियों के बावजूद पुनर्वास के ठोस उपाय नहीं।
- स्थायी समाधान के लिये रिटेनिंग दीवार और सस्ते आवास की माँग बढ़ी।
मुंबई के विख्रोली के पार्कसाइट में स्थित अनौपचारिक बस्तियों पर जुलाई 2026 में भारी बारिश ने फिर से भू‑स्खलन की धमकी को उजागर किया। जबकि कई घर ध्वस्त हो गए, कोई मौत नहीं हुई, पर परिवारों की जीवन‑सुरक्षा और संपत्ति का नुकसान अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया।
पृष्ठभूमि और पूर्व चेतावनियाँ
ब्रिहानमुंबई नगरपालिका निगम (बीएमसी) हर बरसात के मौसम में जोखिम‑सतर्कता की सूचना देती है, परंतु यह संदेश अक्सर “रिवाज” बन कर रह जाता है। 58‑वर्षीय लक्ष्मी पराब कहती हैं, “रिस्क हमारे लिए अजनबी नहीं है, बीएमसी हर साल हमें चेतावनी देता है, पर हम यहाँ के दशकों‑पुराने घरों से बंधे हैं।”
भू‑संकट के बाद परिवारों की स्थिति
65‑वर्षीय पुष्पा यादव की घर पूरी तरह ध्वस्त हो गई, फिर भी वह और उनका पति जीवित बच निकले। उनका कहना है, “धन्य है भगवान की कृपा से हम दोनों नहीं मरें।” घर के ध्वस्त हो जाने के बाद वे पड़ोसियों के आश्रय में चले गए, जबकि स्थानीय नेता ने पुनर्निर्माण का वादा किया है।
सरकारी सहायता बनाम वास्तविक जरूरतें
बीएमसी ने प्रभावित परिवारों को अपने स्कूलों में अस्थायी आश्रय दिया, परंतु निवासियों ने “उचित घर” की मांग की। लक्ष्मी पराब ने कहा, “अगर relocation की बात है, तो हमें सुरक्षित और स्थायी आवास चाहिए, नहीं तो हम फिर भी यहाँ रहेंगे।” नई विवाहित अस्मिता मायांगेड़े ने भी कहा कि उन्होंने निकटवर्ती किराए के घर में सामान ट्रांसफर किया, पर “घर को छोड़ने में मन नहीं करता”।
स्थायी समाधान के लिए मांग
रिटेनिंग दीवारों की कमी ने स्लम की ढलानों को अस्थिर बना दिया है। महाराष्ट्र आवास और क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MHADA) को इस दिशा में कार्य करने की अपील की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसे भू‑संकट को रोका जा सके।
इन सबके बीच, समुदाय का सामाजिक बंधन, आर्थिक बाधाएँ और अनिश्चित पुनर्वास योजना इन परिवारों को अपने घरों में ही फँसे रहने पर मजबूर कर रही है।