पुडुचेरी प्रदूषण नियंत्रण समिति ने बड़े पैमाने पर ठोस कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थानों को नवीनीकृत स्वच्छता नियमों के तहत अनिवार्य पंजीकरण और प्रमाणपत्र प्राप्त करने का आदेश दिया है। यह कदम पर्यावरण संरक्षण को सुदृढ़ करने और कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन को तेज करने के लिए उठाया गया है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • सभी बुल्क कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थानों को CPCB पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य
  • नियमों के उल्लंघन पर आर्थिक दंड और बिजली कटौती जैसे कड़े दंड
  • नए SWM नियम वैज्ञानिक पृथक्करण और पुनर्चक्रण को प्रोत्साहन देते हैं

पुडुचेरी प्रदूषण नियंत्रण समिति (PPCC) ने 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी नए ठोस कचरा प्रबंधन (SWM) नियमों के तहत सभी बड़े कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थानों को विस्तारित बुल्क कचरा उत्पन्नकर्ता (BWG) प्रमाणपत्र प्राप्त करने का निर्देश दिया है। यह निर्देश सरकारी संस्थानों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, औद्योगिक इकाइयों, होटलों, अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, थोक बाजारों, खेल परिसर, रेस्तरां, सामुदायिक एवं सम्मेलन हॉल, विवाह एवं बैंकेट हॉल, अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स और पर्यटन स्थलों पर लागू होता है।

पंजीकरण प्रक्रिया और मानक

PPCC ने सभी पात्र संस्थानों को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के वेब पोर्टल https://swm.cpcb.gov.in पर तुरंत पंजीकरण करने, आवश्यक विवरण प्रदान करने, निर्धारित शुल्क भुगतान करने और स्थानीय निकाय से प्रमाणपत्र प्राप्त करने का आदेश दिया है। एक संस्था को BWG के रूप में वर्गीकृत करने के मानदंड में 20,000 वर्ग मीटर या उससे अधिक का निर्माण, प्रतिदिन 40,000 लीटर से अधिक जल उपयोग, या 100 किलोग्राम से अधिक कचरा उत्पन्न करना शामिल है।

अनुपालन न करने पर दंड

नियमों के उल्लंघन पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 और SWM 2026 के तहत आर्थिक दंड, पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति और यहाँ तक कि बिजली आपूर्ति काटने जैसी कठोर कार्रवाई की संभावना है। यह दंड प्रावधान संस्थानों को कचरा प्रबंधन में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करता है।

नए नियमों का महत्व

PPCC के सदस्य सचिव एन. रमेश ने बताया कि नए SWM नियम विज्ञान‑आधारित कचरा पृथक्करण, गीले कचरे का स्थल‑पर प्रसंस्करण, और सूखे कचरे का अधिकृत रीसाइक्लरों को चैनलाइज़ करने पर जोर देते हैं। नियमों में विकेंद्रित प्रसंस्करण, घर‑दर‑घर पृथक कचरा संग्रह और अनौपचारिक कचरा चुनने वालों को औपचारिक पुनर्चक्रण श्रृंखला में सम्मिलित करने की भी व्यवस्था है। यह नीतिगत बदलाव पुडुचेरी को स्वच्छ, टिकाऊ और पर्यावरण‑सुरक्षित भविष्य की ओर ले जाने का लक्ष्य रखता है।

भविष्य की दिशा

पंजीकरण प्रक्रिया के पूर्ण कार्यान्वयन के बाद, प्रदेश में कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थानों की सटीक संख्या और उत्पन्न मात्रा की निगरानी आसान हो जाएगी। यह डेटा नीतिनिर्माताओं को कचरा प्रबंधन रणनीतियों को परिष्कृत करने और पुनर्चक्रण उद्योग को सुदृढ़ करने में मदद करेगा, जिससे दीर्घकालिक पर्यावरणीय लाभ प्राप्त होगा।