ग्रेटर चेन्नई पुलिस ने ईसवरी इंजीनियरिंग कॉलेज में ‘ड्रग फ्री तमिलनाडु‑2026’ अभियान चलाया, जहाँ पुलिस कमिश्नर ने छात्रों को नशे से दूर रहने की अपील की। छात्रों ने ‘I am Against Drugs’ शपथ ली और अभियान का समर्थन करने के लिए selfie और हस्ताक्षर अभियान शुरू किया।
ग्रेटर चेन्नई पुलिस ने ईसवरी इंजीनियरिंग कॉलेज, रामापुरम में ‘ड्रग फ्री तमिलनाडु‑2026’ जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य कॉलेज‑युवा वर्ग को नशे की हानियों से रूबरू कराना और उन्हें सामाजिक दायित्व की भावना से लैस करना है।
पृष्ठभूमि और सामाजिक संदर्भ
तमिलनाडु में हाल के वर्षों में नशे की लत में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, विशेषकर कॉलेज और विश्वविद्यालय कैंपस में। राज्य सरकार ने 2023 में ‘ड्रग फ्री तमिलनाडु’ योजना शुरू की, लेकिन प्रभावी कार्यान्वयन के लिए पुलिस, शैक्षणिक संस्थानों और सामुदायिक संगठनों के सहयोग की आवश्यकता है।
कार्यक्रम की मुख्य बातें
पुलिस कमिश्नर ए. अमलराज ने कार्यक्रम में भाग लेते हुए छात्रों को नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में बताया। उन्होंने कहा, “ड्रग की लत केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य को नहीं बिगाड़ती, बल्कि शिक्षा, करियर और सामाजिक प्रतिष्ठा को भी क्षीण कर देती है।”
छात्रों ने “I am Against Drugs” शपथ ली, जिसमें वे स्वयं को नशे के खिलाफ प्रतिबद्ध करते हुए अपने भविष्य को सुरक्षित रखने का संकल्प लेते हैं। इस शपथ के साथ ही एक हस्ताक्षर और selfie अभियान भी शुरू किया गया, जिसका लक्ष्य युवा वर्ग में नशे के खिलाफ संदेश को वायरल करना है।
भविष्य की दिशा
कमिश्नर अमलराज ने छात्रों से अपील की कि वे अपने परिसर और समुदाय में नशे के प्रति जागरूकता फैलाते हुए “ड्रग‑फ्री” समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने स्थानीय NGOs और स्वास्थ्य संस्थानों के साथ मिलकर निरंतर कार्यशालाओं, काउंसलिंग सत्रों और जागरूकता अभियानों की योजना भी घोषित की।
इस प्रकार, यह कार्यक्रम न केवल एक बार की घटना है, बल्कि तमिलनाडु में नशा‑मुक्त वातावरण बनाने की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है, जहाँ पुलिस और शैक्षणिक संस्थानों का सहयोग सामाजिक परिवर्तन की कुंजी माना गया है।