दिल्ली के हरि नगर में 23 वर्षीय महिला लक्समी ने जलते हुए अपनी छत से कूद कर आत्महत्या की। पुलिस को बताया गया कि वह अपने बच्चे की देखभाल और अभिरक्षा को लेकर तनाव में थी।
नई दिल्ली (रिपोर्ट) – 23 साल की लक्समी (नाम परिवर्तन), जो अपने पति से अलग रह रही थी, ने 8 जुलाई को दिल्ली के हरि नगर में अपनी छत से कूदते हुए खुद को आग में जला लिया। यह दुखद घटना पुलिस को सुबह के समय एक पीसीआर कॉल के माध्यम से ज्ञात हुई, जिसमें बताया गया कि महिला तीसरी मंजिल से गिरते ही जल गई थी।
परिवार का बयान और पृष्ठभूमि
जांच के दौरान लक्समी के पिता, जहान सिंह ने पुलिस को बताया कि लक्समी ने 2023 में अपने पति राजेंद्र से विवाह किया था और उनका एक पुत्र है। वैवाहिक मतभेदों के कारण लक्समी ने अपने पति के साथ अलग रहना शुरू कर दिया, जिससे परिवार में तनाव बढ़ गया। पिता ने कहा कि लक्समी ने उत्तर नगर में एक कपड़े की दुकान में काम किया, लेकिन घटना के चार‑पांच दिन पहले वह अपना कार्य छोड़ दिया था।
बाल अभिरक्षा का तनाव
जहन सिंह ने बताया कि लक्समी को अपने बच्चे की देखभाल और अभिरक्षा को लेकर विशेष रूप से चिंता थी। वह अपनी नौकरी से दूर होने के बाद आर्थिक दबाव और अकेलेपन का सामना कर रही थी, जिससे उसकी मानसिक स्थिति बिगड़ गई। पिता ने किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आरोप नहीं लगाया, बल्कि केवल यह उजागर किया कि मानसिक दबाव ने इस त्रासदी को जन्म दिया।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
हरि नगर पुलिस स्टेशन की टीम ने तुरंत स्थल पर पहुंचकर मौके की जांच की। जांच में कोई आत्महत्या नोट नहीं मिला और सभी साक्ष्य को मानक प्रक्रिया के तहत कब्जे में ले लिया गया। लक्समी का शव पोस्ट‑मॉर्टेम जांच के लिये मोर्ट्यूरी में रख दिया गया है। पुलिस ने कहा कि इस घटना को मानसिक स्वास्थ्य और बाल अभिरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
समाज में व्यापक प्रभाव
यह घटना भारत में बढ़ते मानसिक स्वास्थ्य संकट और परिवारिक विवादों के परिणामस्वरूप होने वाली आत्महत्या पर प्रकाश डालती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में सामाजिक समर्थन, परामर्श सेवाएँ और कानूनी सुरक्षा का त्वरित प्रावधान आवश्यक है, ताकि पीड़ितों को अकेला न महसूस हो और वे समय पर मदद ले सकें।