कनाडा में रीकॉल किए गए सिल्क और ग्रेट वैल्यू पौध‑आधारित मिल्क के खरीदार अब C$300,000 तक का मुआवजा प्राप्त कर सकते हैं। C$7.5 मिलियन की क्लास‑एक्शन सेटलमेंट 16 अक्टूबर 2026 तक दावे स्वीकार करेगी।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • क्लास‑एक्शन से अधिकतम C$300,000 तक का मुआवजा
  • दावा दाखिल करने की अंतिम तिथि 16 अक्टूबर 2026
  • लिस्टेरिया से जुड़ी बीमारियों के विभिन्न स्तरों के लिए अलग‑अलग भुगतान

कनाडा में जुलाई 2024 में डैनोन कनेडा द्वारा रीकॉल किए गए सिल्क और ग्रेट वैल्यू ब्रांड के पौध‑आधारित दूध के सेवन से लिस्टेरिया संक्रमण के 20 मामलों की पुष्टि हुई, जिसमें 15 अस्पताल में भर्ती और 3 मौतें शामिल थीं। इस सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट के बाद, सुपीरियर कोर्ट ऑफ़ क्वेबेक ने C$7.5 मिलियन की क्लास‑एक्शन सेटलमेंट को मंज़ूरी दी, जिससे प्रभावित उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

सेटलमेंट की प्रमुख शर्तें

सेटलमेंट में कुल छह टियर की भुगतान संरचना निर्धारित की गई है, जो रोग की गंभीरता और प्रस्तुत साक्ष्य पर आधारित है। टियर I से टियर VI तक का भुगतान क्रमशः C$400, C$1,500, C$7,000, C$30,000, C$150,000 और C$300,000 है। हल्के लक्षण जैसे उल्टी, बुखार या सिरदर्द वाले रोगी को C$400‑C$7,000 मिल सकते हैं, जबकि अस्पताल में भर्ती और स्थायी जटिलताओं वाले रोगियों को अधिकतम C$150,000 तक मिल सकता है। यदि रोगी की मृत्यु हो गई, तो उसके वारिस को C$300,000 तक का मुआवजा दिया जाएगा।

दावा कैसे जमा करें

उपयोगकर्ता आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से 16 अक्टूबर 2026 तक अपना दावा दर्ज कर सकते हैं। यदि कोई व्यक्ति रीकॉल किए गए उत्पाद को खरीदा लेकिन बीमार नहीं हुआ, तो वह वॉलमार्ट कनेडा, जॉरिकी और इंटैक्ट इंश्योरेंस जैसी कंपनियों द्वारा चलाए जा रहे स्वैच्छिक रिफंड प्रोग्राम के तहत रिफंड की मांग कर सकता है। कम राशि के दावों के लिए खरीद रसीद या एक सरल घोषणा पर्याप्त हो सकती है, जबकि गंभीर मामलों में मेडिकल रिकॉर्ड, दवा की रसीदें और अन्य दस्तावेज़ आवश्यक होंगे।

भविष्य में संभावित प्रभाव

यह सेटलमेंट न केवल पीड़ितों को आर्थिक राहत प्रदान करता है, बल्कि खाद्य उद्योग में पारदर्शिता और उपभोक्ता सुरक्षा को भी सुदृढ़ करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की कानूनी कार्रवाई से कंपनियों को उत्पाद सुरक्षा मानकों को सख्ती से पालन करने के लिए प्रेरित किया जा सकता है, जिससे भविष्य में समान सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट की संभावना कम होगी।