दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने द्वारका के इंदिरा गांधी अस्पताल में वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक विशेष गेरियाट्रिक क्लिनिक का उद्घाटन किया। इस पहल से उम्र‑संबंधी बीमारियों के उपचार में सुविधा, गति और गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • गेरियाट्रिक क्लिनिक का उद्घाटन senior citizens को एक ही छत के नीचे विशेषज्ञ देखभाल प्रदान करेगा।
  • डॉ. पंकज सिंह ने इस कदम को वरिष्ठ नागरिकों के जीवन स्तर को ऊँचा उठाने के रूप में वर्णित किया।
  • क्लिनिक में एम्बुलेंस, डायग्नोस्टिक सुविधाएँ और बहु‑विशेषज्ञ टीम उपलब्ध होगी।

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने सोमवार को द्वारका में स्थित इंदिरा गांधी अस्पताल में एक नई गेरियाट्रिक क्लिनिक का उद्घाटन किया। यह क्लिनिक विशेष रूप से 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के नागरिकों के लिए समर्पित है, जहाँ उन्हें एक ही छत के नीचे विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श, उपचार और फॉलो‑अप सेवाएँ मिलेंगी। उद्घाटन समारोह में पश्चिम दिल्ली के सांसद कमलजीत सेहरावत समेत कई स्वास्थ्य‑सेवा पेशेवर और वरिष्ठ नागरिक उपस्थित थे।

उद्घाटन समारोह और मुख्य वक्तव्य

समारोह की शुरुआत में पंकज सिंह ने कहा, “यह क्लिनिक वरिष्ठ नागरिकों को एक व्यवस्थित, सुविधाजनक और प्रभावी स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यहाँ उम्र‑संबंधी रोगों की रोकथाम, शीघ्र निदान और निरंतर देखभाल के लिए विशेषज्ञ टीम तैनात होगी।” उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य सभी आयु वर्ग के लिए समान और सुलभ स्वास्थ्य सुविधा सुनिश्चित करना है।

पृष्ठभूमि और आवश्यकता

भारत में वरिष्ठ नागरिकों की संख्या लगातार बढ़ रही है; राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSSO) के अनुसार 2025 तक देश में 1.5 करोड़ से अधिक वरिष्ठ नागरिक रहेंगे। इस जनसांख्यिकीय बदलाव के साथ उम्र‑संबंधी बीमारियों, जैसे हाइपरटेंशन, डायबिटीज, ऑस्टियोआर्थराइटिस और डिमेंशिया की दर भी बढ़ी है। ऐसे में एक समर्पित गेरियाट्रिक क्लिनिक न केवल रोगों की रोकथाम बल्कि समय पर उपचार को भी आसान बनाता है।

सिनियर नागरिकों के लिए लाभ

क्लिनिक में ऑर्थोपेडिक, कार्डियोलॉजिस्ट, न्यूरोलॉजिस्ट और फिजियोथेरेपिस्ट सहित बहु‑विशेषज्ञ टीम कार्यरत होगी। साथ ही, इलेक्ट्रॉनिक मेडिकल रिकॉर्ड (EMR) प्रणाली के माध्यम से रोगी की पूरी चिकित्सा इतिहास को सुरक्षित रखा जाएगा, जिससे पुनः‑उपचार में त्रुटियों की संभावना कम होगी। क्लिनिक में एक विशेष एम्बुलेंस सेवा भी उपलब्ध होगी, जिससे आपातकालीन स्थितियों में त्वरित सहायता मिल सकेगी।

आगे की योजना और विस्तार

दिल्ली सरकार ने इस क्लिनिक को एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया है, जिसे भविष्य में अन्य अस्पतालों में दोहराने की योजना है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अगले दो वर्षों में शहर के पाँच प्रमुख अस्पतालों में समान गेरियाट्रिक यूनिट स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस पहल से न केवल वरिष्ठ नागरिकों की जीवन गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि स्वास्थ्य प्रणाली पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ में भी कमी आएगी।