टैंकर फाउंडेशन ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री समग्र स्वास्थ्य बीमा योजना (CMCHIS) के सहयोग से सतत एम्बुलेटरी पेरिटोनियल डायलिसिस (CAPD) फ्लूइड बैगों का वितरण किया। संस्थापक जॉर्जी अब्राहम ने 1991 में भारत में CAPD की शुरुआत को इस उपलब्धि की नींव बताया।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- CMCHIS के तहत CAPD फ्लूइड बैग वितरण शुरू
- जॉर्जी अब्राहम ने 1991 में भारत में CAPD की शुरुआत की
- पहला बैग रोगी K.S. मनोहरन को दिया गया
टैंकर फाउंडेशन ने मंगलवार को तमिलनाडु के चेन्नई जिले के अंबत्तूर में स्थित रोटरी टैंकर डायलिसिस यूनिट में सतत एम्बुलेटरी पेरिटोनियल डायलिसिस (CAPD) फ्लूइड बैग वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यह पहल मुख्यमंत्री समग्र स्वास्थ्य बीमा योजना (CMCHIS) के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त कर रही है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के रोगियों को घर-आधारित डायलिसिस की सुविधा मिल सकेगी।
भारत में CAPD का इतिहास
1991 में जॉर्जी अब्राहम ने भारत में CAPD की पहली कोशिश की, जिससे रोगियों को अस्पताल के बजाय अपने घर में ही डायलिसिस करने का अवसर मिला। तब से यह तकनीक धीरे-धीरे अपनाई गई, लेकिन उच्च लागत और सप्लाई चेन की सीमाओं के कारण व्यापक रूप से नहीं फैली। आज, टैंकर फाउंडेशन के प्रयासों और CMCHIS के समर्थन से यह तकनीक अधिक सुलभ हो रही है।
CMCHIS और तमिलनाडु की स्वास्थ्य पहल
मुख्यमंत्री समग्र स्वास्थ्य बीमा योजना (CMCHIS) तमिलनाडु सरकार द्वारा शुरू किया गया एक व्यापक बीमा कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य गरीब परिवारों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करना है। इस योजना के तहत न केवल सर्जिकल और डेंटल उपचार को कवर किया जाता है, बल्कि अब लगातार डायलिसिस जैसी दीर्घकालिक बीमारियों के लिए भी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
लॉन्च इवेंट का विवरण
कार्यक्रम के दौरान जॉर्जी अब्राहम ने प्रथम बैग का वितरण किया, जिसमें उपस्थित लथाअ कुमारस्वामी, मैनेजिंग ट्रस्टी, और टैंकर फाउंडेशन के एरिया मैनेजर्स गुगनाथन व गिरीधरन ने सम्मानित रोगी K.S. मनोहरन को बैग सौंपा। बैग वितरण में बेक्स्टर पीडी सॉल्यूशंस के प्रतिनिधि श्रीनिवासन भी शामिल थे, जिन्होंने सप्लाई चेन की विश्वसनीयता सुनिश्चित की।
रोगियों के लिए संभावित प्रभाव
घर-आधारित डायलिसिस का सबसे बड़ा लाभ यह है कि रोगी अस्पताल के लंबे समय के इंतजार और यात्रा से बच सकते हैं, जिससे जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होता है। साथ ही, CMCHIS के तहत वित्तीय सहायता मिलने से रोगियों को आर्थिक बोझ कम करने में मदद मिलेगी, जिससे डायलिसिस उपचार की निरंतरता सुनिश्चित होगी। यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए एक उदाहरण बन सकता है, जहाँ समान बीमा योजनाएँ लागू हो रही हैं।