नवीनतम शोध में पता चला कि शराब के सेवन में सबसे बड़ी कमी बूमर (1946‑1964) में देखी गई, जबकि जेन‑ज़ेड की अबstinence दर पहले से ही अधिक है। यह बदलाव सामाजिक स्तर पर मध्यमता की ओर संकेत करता है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • बूमर पीढ़ी में शराब सेवन 71% तक गिरा, तीन साल में 2% की गिरावट।
  • जेन‑ज़ेड में सेवन 74% तक बढ़ा, तीन साल में 8% की वृद्धि।
  • समाज में मध्यमता की प्रवृत्ति सभी आयु वर्गों में स्पष्ट।

बूमर जनसांख्यिकी, यानी 1946 से 1964 के बीच जन्मे लोग, अब शराब सेवन में सबसे अधिक कटौती कर रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय पेय पदार्थ अनुसंधान संस्थान IWSR के डेटा के अनुसार, केवल 71% बूमर ने पिछले छह महीने में शराब पीने की रिपोर्ट की, जो सभी पीढ़ियों में सबसे कम दर है और यह तीन साल पहले की तुलना में 2 प्रतिशत बिंदु की गिरावट दर्शाता है।

जेन‑ज़ेड का विपरीत रुझान

दूसरी ओर, कानूनी शराब पीने की उम्र में प्रवेश कर चुके जेन‑ज़ेड (जिनका जन्म 1997‑2012 के बीच हुआ है) में 74% ने पिछले छह महीने में शराब पीने की पुष्टि की। यह आंकड़ा तीन साल पहले के 66% से 8 प्रतिशत बिंदु की वृद्धि दर्शाता है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि युवा वर्ग में अबstinence की प्रवृत्ति पहले से ही अधिक है, लेकिन अभी भी कुल जनसंख्या के 76% के बराबर नहीं पहुंची है।

पृष्ठभूमि और सामाजिक कारण

इतिहास में देखे जाने वाले शराब सेवन के पैटर्न अक्सर आर्थिक, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक कारकों से प्रभावित होते हैं। बूमर पीढ़ी ने 1970‑80 के दशक में शराब के प्रति उदार दृष्टिकोण अपनाया, जबकि अब वे स्वास्थ्य‑संबंधी जोखिमों, जैसे कि हृदय रोग और कैंसर, के प्रति अधिक जागरूक हो रहे हैं। साथ ही, महामारी के बाद के मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव और घर में रहकर बिताए गए समय ने कई लोगों को अपने सेवन को नियंत्रित करने के लिए प्रेरित किया।

भविष्य की संभावनाएँ

यदि यह प्रवृत्ति जारी रहती है, तो शराब उद्योग को उत्पाद पोर्टफोलियो में कम‑अल्कोहल, गैर‑अल्कोहलिक विकल्प और स्वास्थ्य‑संबंधी लाभ वाले पेयों की ओर मोड़ना पड़ सकता है। नीति निर्माताओं के लिए भी यह संकेत है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियानों को बूमर वर्ग के साथ-साथ युवा वर्ग के लिए भी अनुकूलित करना आवश्यक है, ताकि शराब सेवन के जोखिम को कम किया जा सके।

विशेषज्ञों की राय

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कि इस बदलाव का मुख्य कारण बूमर वर्ग में जीवनशैली‑परिवर्तन और स्वास्थ्य‑चेतना है, जबकि जेन‑ज़ेड की बढ़ती दर नई पीढ़ी की सामाजिक मान्यताओं और डिजिटल संस्कृति द्वारा प्रभावित हो सकती है। कुल मिलाकर, यह डेटा दर्शाता है कि शराब सेवन का सामाजिक पैटर्न धीरे‑धीरे संतुलन की ओर बढ़ रहा है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है।