अपोलो एथेना ने कैंसर से संबंधित लिम्फेडेमा के प्रबंधन के लिए भारत की पहली व्यापक LE&RN-मान्यता प्राप्त क्लिनिक शुरू की है, जो रोकथाम से लेकर आजीवन देखभाल तक वैश्विक मानक प्रदान करेगी।

मुख्य बातें

  • अपोलो एथेना ने भारत की पहली LE&RN-मान्यता प्राप्त लिम्फेडेमा क्लिनिक शुरू की है।
  • यह क्लिनिक कैंसर उपचार के बाद होने वाली सूजन (लिम्फेडेमा) के लिए रोकथाम और उन्नत सर्जरी पर केंद्रित है।
  • यह एशिया के पहले समर्पित महिला कैंसर केंद्र द्वारा संचालित है।

नई दिल्ली: अपोलो हॉस्पिटल्स के एशिया के पहले समर्पित महिला कैंसर केंद्र, अपोलो एथेना ने भारत की पहली व्यापक लिम्फेडेमा क्लिनिक के लॉन्च की घोषणा की है। यह क्लिनिक लिम्फैटिक एजुकेशन एंड रिसर्च नेटवर्क (LE&RN) द्वारा मान्यता प्राप्त है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लिम्फैटिक रोगों के लिए एक प्रतिष्ठित गैर-लाभकारी संगठन है। यह पहल कैंसर से संबंधित लिम्फेडेमा के प्रबंधन में एक नया मानदंड स्थापित करती है।

यह क्लिनिक एक बहुआयामी कार्यक्रम के तहत काम करती है, जिसमें विशेषज्ञ सर्जन, लिम्फेडेमा थेरेपिस्ट, नर्स, त्वचा विशेषज्ञ और पुनर्वास विशेषज्ञ एक ही छत के नीचे उपलब्ध हैं। यह केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि रोकथाम, प्रारंभिक निदान, उन्नत माइक्रोसर्जरी और आजीवन अनुवर्ती देखभाल (follow-up) प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, भारत में लगभग 10 लाख से अधिक लोग लिम्फेडेमा के साथ जी रहे हैं, जिनमें से 4 से 6 लाख लोग कैंसर से संबंधित इस समस्या से जूझ रहे हैं। स्तन और स्त्री रोग संबंधी कैंसर से उबरने वाली महिलाओं में इसका खतरा सबसे अधिक होता है। अपोलो एथेना का यह एकीकृत मॉडल उन्नत इमेजिंग और सुपर-माइक्रोसर्जिकल क्षमताओं के साथ व्यक्तिगत देखभाल सुनिश्चित करता है।

"हम कैंसर सर्जरी के दौरान ही प्रोफ़िलैक्टिक लिम्फोवेनस बाईपास (LVB) जैसी निवारक सर्जरी पेश करके उपचार के प्रति दृष्टिकोण बदल रहे हैं।" - डॉ. वेंकट रामकृष्णन

इस क्लिनिक में मरीजों को मैनुअल लिम्फैटिक ड्रेनेज, कम्प्रेशन थेरेपी, लिम्फोवेनस बाईपास सर्जरी और वैस्कुलराइज्ड लिम्फ नोड ट्रांसफर जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। अल्ट्रा हाई-फ्रीक्वेंसी अल्ट्रासाउंड तकनीक का उपयोग करके सर्जन अत्यधिक सटीकता के साथ लिम्फैटिक वाहिकाओं की पहचान कर सकते हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

पारंपरिक रूप से, लिम्फेडेमा का उपचार तब किया जाता था जब सूजन गंभीर हो जाती थी। हालांकि, आधुनिक चिकित्सा अब 'प्रतिक्रियात्मक उपचार' से हटकर 'निवारक देखभाल' की ओर बढ़ रही है, ताकि ऊतकों को होने वाले स्थायी नुकसान को रोका जा सके।

क्या आप जानते हैं?: स्तन कैंसर सर्जरी के बाद लगभग 20% से 42% महिलाओं में हाथ में लिम्फेडेमा (सूजन) विकसित होने का खतरा रहता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. LE&RN मान्यता क्या है?
यह एक अंतरराष्ट्रीय मानक है जो सुनिश्चित करता है कि क्लिनिक में लिम्फैटिक रोगों के उपचार के लिए विश्व स्तरीय प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है।

2. लिम्फेडेमा क्या है?
यह लसीका प्रणाली (lymphatic system) के बाधित होने के कारण शरीर के अंगों में होने वाली असामान्य सूजन है।