भारत में तंबाकू की लत से जूझ रहे करोड़ों लोगों के लिए एक नया 'Ask, Advise and Connect' मॉडल उम्मीद की किरण बनकर आया है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में छोटे बदलावों से इस घातक लत को छोड़ा जा सकता है।

मुख्य बातें

  • 'पूछें, सलाह दें और जोड़ें' (Ask, Advise, Connect) मॉडल तंबाकू छोड़ने में कारगर है।
  • भारत में 25 करोड़ से अधिक वयस्क तंबाकू का सेवन करते हैं।
  • केवल सलाह देना काफी नहीं है, मरीजों को सीधे सहायता सेवाओं से जोड़ना जरूरी है।
  • निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी और काउंसलिंग लत से निपटने में मदद कर सकती है।

भारत में तंबाकू का सेवन एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बना हुआ है। हाल ही में New England Journal of Medicine में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, तंबाकू छोड़ने की प्रक्रिया को नियमित स्वास्थ्य जांच का हिस्सा बनाकर लाखों जीवन बचाए जा सकते हैं। विशेषज्ञों ने इसके लिए एक सरल लेकिन शक्तिशाली तीन-चरणीय दृष्टिकोण का प्रस्ताव दिया है: 'पूछें, सलाह दें और जोड़ें' (Ask, Advise, Connect)

क्या है 'Ask, Advise, Connect' मॉडल?

इस मॉडल की खूबसूरती इसकी सादगी में है। इसमें डॉक्टर या स्वास्थ्य कार्यकर्ता को लंबा सत्र लेने की आवश्यकता नहीं है। सबसे पहले, मरीज से उनके तंबाकू सेवन के बारे में पूछा जाता है। यदि वे सेवन करते हैं, तो उन्हें इसे छोड़ने की सलाह दी जाती है। अंत में, उन्हें सीधे किसी हेल्पलाइन, काउंसलिंग सेंटर या चिकित्सा सहायता से जोड़ा जाता है।

तंबाकू छोड़ने की सहायता को नियमित स्वास्थ्य देखभाल का हिस्सा बनाना ही इस संकट का समाधान है।

भारत के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, भारत में तंबाकू के उपयोग का बोझ बहुत अधिक है। राष्ट्रीय सर्वेक्षणों के अनुसार, देश में 250 मिलियन (25 करोड़) से अधिक वयस्क तंबाकू का उपयोग करते हैं, जिसमें सिगरेट के साथ-साथ खैनी और गुटखा जैसे बिना धुएं वाले उत्पाद भी शामिल हैं।

Why This Matters

तंबाकू का सेवन केवल फेफड़ों के लिए ही नहीं, बल्कि हृदय रोग, स्ट्रोक और विभिन्न प्रकार के कैंसर का भी प्रमुख कारण है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों और महिलाओं में, जहां विशेषज्ञ सेवाओं तक पहुंच सीमित है, यह मॉडल जीवन रक्षक साबित हो सकता है।

क्या आप जानते हैं?: भारत में SMS-आधारित तंबाकू छोड़ने वाले कार्यक्रमों का उपयोग करने वाले हर पांच में से एक व्यक्ति सफलतापूर्वक तंबाकू छोड़ पाने में सफल रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. क्या केवल इच्छाशक्ति से तंबाकू छोड़ना संभव है?
हालांकि इच्छाशक्ति महत्वपूर्ण है, लेकिन निकोटीन की लत शारीरिक होती है। काउंसलिंग और निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी जैसे वैज्ञानिक तरीकों से इसे छोड़ना आसान हो जाता है।

2. तंबाकू छोड़ने के लिए भारत में क्या सुविधाएं उपलब्ध हैं?
भारत सरकार ने राष्ट्रीय तंबाकू quitline सेवाएं और mCessation जैसे मोबाइल-आधारित हस्तक्षेप शुरू किए हैं जो सहायता प्रदान करते हैं।