भारत सरकार ने द्वि‑सप्ताहिक समीक्षा में पेट्रोल का निर्यात शुल्क शून्य कर दिया और डीजल व एटीएफ पर शुल्क क्रमशः ₹24 और ₹19.5 प्रति लीटर कर दिया। यह कदम घरेलू ईंधन उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।

मुख्य बिंदु

  • पेट्रोल का निर्यात शुल्क शून्य किया गया।
  • डीजल निर्यात शुल्क ₹24 प्रति लीटर तक घटाया गया।
  • एटीएफ निर्यात शुल्क ₹19.5 प्रति लीटर किया गया।

भारत सरकार ने अपनी द्वि‑सप्ताहिक समीक्षा में पेट्रोल के निर्यात शुल्क को शून्य कर दिया, जबकि डीजल और एवीएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) पर शुल्क क्रमशः ₹24 और ₹19.5 प्रति लीटर कर दिया। घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया।

पश्चिम एशिया में संघर्ष के चरम बिंदु के बाद, मार्च 2026 से निर्यात शुल्कों की नियमित द्वि‑सप्ताहिक समीक्षा की जा रही है, जिससे निर्यात को हतोत्साहित कर घरेलू आपूर्ति को स्थिर किया जा सके।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

पिछले वर्षों में भारत ने निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न स्तरों पर शुल्क लागू किए थे, जबकि घरेलू कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए निर्यात को सीमित करने की नीति अपनाई गई थी। 2024 में पेट्रोल निर्यात पर ₹3.5 प्रति लीटर का शुल्क लगाया गया था, जिससे घरेलू कीमतों पर दबाव कम हुआ।

निर्यात शुल्क तुलना

ईंधनपिछला शुल्कवर्तमान शुल्क
पेट्रोल₹3.5/लीटरशून्य
डीजल₹25.5/लीटर₹24/लीटर
एटीएफ₹22/लीटर₹19.5/लीटर

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia का विश्लेषण दर्शाता है कि निर्यात शुल्क में यह अचानक कमी घरेलू ईंधन कीमतों को स्थिर रखने और आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा देने में मदद करेगी, विशेषकर उच्च अंतरराष्ट्रीय कीमतों के समय।

"निर्यात शुल्क में कटौती से घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता बढ़ेगी, लेकिन निर्यात आय में संभावित कमी को सरकार को वैकल्पिक उपायों से संतुलित करना होगा," कहा ऊर्जा विशेषज्ञ प्रो. अजय सिंह ने।
क्या आप जानते हैं?: 2020 में भारत ने पहली बार पेट्रोल निर्यात पर शून्य शुल्क लागू किया था, लेकिन वह केवल एक महीने के लिए ही रहा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: क्या इस निर्णय से पेट्रोल की घरेलू कीमतों में कमी आएगी?

उत्तर: संभावना है, क्योंकि निर्यात को हतोत्साहित करने से घरेलू आपूर्ति बढ़ेगी, जिससे कीमतों में स्थिरता आ सकती है।

प्रश्न 2: क्या डीजल और एटीएफ के निर्यात में वृद्धि की उम्मीद की जा रही है?

उत्तर: नई दरों के साथ निर्यात को अभी भी प्रोत्साहन नहीं दिया गया है; सरकार निर्यात को नियंत्रित रखने के इरादे से ही शुल्क को कम कर रही है।