तिरुपत्तूर जिले के येलागिरी हिल्स में ₹8.5 करोड़ की लागत से नए सब-स्टेशन का निर्माण शुरू हो गया है, जिससे स्थानीय निवासियों और पर्यटन क्षेत्र को बड़ी राहत मिलेगी।

मुख्य बातें

  • ₹8.5 करोड़ की लागत से नए 33/11 KV सब-स्टेशन का निर्माण शुरू।
  • 2027 तक बिजली आपूर्ति में सुधार और स्थिरता का लक्ष्य।
  • स्थानीय पर्यटन और छात्रों के लिए बिजली की समस्याओं का समाधान।
  • पावर फॉल्ट्स और वोल्टेज फ्लक्चुएशन में भारी कमी आएगी।

तमिलनाडु के तिरुपत्तूर जिले में स्थित प्रसिद्ध हिल स्टेशन येलागिरी हिल्स के निवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण विकास हुआ है। लंबे समय से लंबित Tangedco 33/11 KV सब-स्टेशन के निर्माण का कार्य आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है। ₹8.5 करोड़ की अनुमानित लागत वाला यह प्रोजेक्ट क्षेत्र में बिजली की अनिश्चितता को समाप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

वर्तमान में, येलागिरी हिल्स के निवासियों को बिजली की कटौती और वोल्टेज के उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ता है। यहाँ लगभग 5,286 उपभोक्ता हैं, जिनमें 1,400 से अधिक व्यावसायिक प्रतिष्ठान जैसे होटल और रिसॉर्ट शामिल हैं। स्थानीय निवासियों, विशेष रूप से छात्रों का कहना है कि बिजली की समस्या उनके अध्ययन में बाधा डालती थी। नए सब-स्टेशन के बनने से बिजली की आपूर्ति सीधे पहाड़ियों से होगी, जिससे मरम्मत कार्य में लगने वाला समय भी कम हो जाएगा।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि येलागिरी हिल्स जैसे पर्यटन केंद्रों के लिए स्थिर बिजली आपूर्ति आर्थिक विकास की रीढ़ है। वर्तमान में, बिजली की समस्याओं के कारण स्थानीय व्यवसायों को महंगे डीजल जेनरेटरों पर निर्भर रहना पड़ता है, जो न केवल खर्च बढ़ाता है बल्कि प्रदूषण भी फैलाता है। यह नया सब-स्टेशन न केवल ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करेगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद करेगा।

यह नया सब-स्टेशन न केवल स्थानीय निवासियों के जीवन स्तर में सुधार करेगा, बल्कि क्षेत्र के बढ़ते पर्यटन उद्योग को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

ऐतिहासिक रूप से, इस क्षेत्र में बिजली की व्यवस्था काफी पुरानी और सीमित रही है। पास के जावधु हिल्स में सब-स्टेशन काफी दूर स्थित हैं। 1960 के दशक में वेइनू बाप्पु खगोलीय वेधशाला के लिए स्थापित सब-स्टेशन ही इस क्षेत्र की मुख्य बिजली आपूर्ति का आधार था। 2022 में वनियामबडी सब-स्टेशन से अलग होने के बाद, येलागिरी हिल्स केवल एक सेक्शन ऑफिस तक सीमित था, जिसके कारण तकनीकी खराबी आने पर मरम्मत में घंटों लग जाते थे।

Did You Know?: येलागिरी हिल्स में 150 से अधिक होटल और रिसॉर्ट हैं, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए पर्यटन पर अत्यधिक निर्भर हैं।

Frequently Asked Questions

1. नया सब-स्टेशन कब तक बनकर तैयार होगा?
Tangedco के अधिकारियों के अनुसार, नया सब-स्टेशन वर्ष 2027 तक पूरी तरह से चालू होने की उम्मीद है।

2. इस प्रोजेक्ट की कुल लागत कितनी है?
इस परियोजना की संशोधित अनुमानित लागत ₹8.5 करोड़ है।