यूक्रेन के हमलों के कारण रूस की रिफाइनिंग क्षमता को भारी नुकसान हुआ है, जिससे अब पुतिन सरकार को भारत से पेट्रोलियम उत्पादों का आयात करना पड़ रहा है। रूस के कई हिस्सों में पेट्रोल और डीजल की राशनिंग लागू कर दी गई है।
मुख्य बातें
- यूक्रेन के ड्रोन हमलों ने रूस की रिफाइनिंग क्षमता का 40% हिस्सा नष्ट कर दिया है।
- रूस अब भारत से परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पादों का आयात करने को मजबूर है।
- रूस के 55 प्रांतों में पेट्रोल और डीजल की राशनिंग लागू कर दी गई है।
- भारत कच्चे तेल का निर्यात करने के बाद अब रिफाइंड उत्पादों का निर्यात कर रहा है।
दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादकों में से एक, रूस, वर्तमान में एक अभूतपूर्व ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है। यूक्रेन द्वारा रूसी रिफाइनरियों पर किए गए लक्षित हमलों ने पुतिन प्रशासन को रक्षात्मक मुद्रा में ला दिया है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि रूस अब अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत से पेट्रोलियम उत्पादों का आयात कर रहा है।
यूक्रेन के हमलों से रूसी अर्थव्यवस्था की कमर टूटी
विशेषज्ञों का मानना है कि यूक्रेन ने रूस की आर्थिक रीढ़ यानी उसके तेल निर्यात बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है। ड्रोन और मिसाइल हमलों के माध्यम से, यूक्रेन ने रूस की कुल रिफाइनिंग क्षमता का लगभग 40% हिस्सा नष्ट कर दिया है। हाल ही में पश्चिमी रूस स्थित गैसप्रॉम नेफ्थीम रिफाइनरी पर हमला किया गया, जो सालाना 70 लाख टन कच्चा तेल संसाधित करती थी।
BozokMedia विश्लेषण: क्यों महत्वपूर्ण है यह मोड़?
BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि यह भू-राजनीतिक समीकरणों में एक बड़ा बदलाव है। जो रूस कभी दुनिया को कच्चा तेल खिलाता था, वह अब भारत द्वारा रिफाइन किए गए ईंधन पर निर्भर हो गया है। गुजरात की नयारा एनर्जी रिफाइनरी से लगभग 60,000 मीट्रिक टन पेट्रोल अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी व्यापारियों के माध्यम से रूस भेजा जा रहा है।
रूस की ऊर्जा सुरक्षा अब पूरी तरह से उसकी रिफाइनरी की सुरक्षा और भारत जैसे विश्वसनीय व्यापारिक भागीदारों पर निर्भर है।
वर्तमान संकट के कारण रूस के कम से कम 55 प्रांतों में पेट्रोल और डीजल की राशनिंग शुरू कर दी गई है। इसका मतलब है कि उपभोक्ताओं को केवल एक निर्धारित मात्रा में ही ईंधन मिल सकेगा। इसके साथ ही, पुतिन सरकार ने देश के भीतर ईंधन के निर्यात पर भी प्रतिबंध लगा दिया है ताकि घरेलू मांग को पूरा किया जा सके।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. क्या भारत सीधे रूस को पेट्रोल बेच रहा है?
नहीं, केंद्र सरकार के अनुसार भारत सीधे तौर पर रूस को ईंधन निर्यात नहीं कर रहा है; यह अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी ट्रेडर्स के माध्यम से हो रहा है।
2. रूस में ईंधन की कमी का मुख्य कारण क्या है?
यूक्रेन द्वारा रूसी रिफाइनरियों और तेल भंडारण केंद्रों पर किए गए निरंतर ड्रोन और मिसाइल हमले इसका मुख्य कारण हैं।