अमेरिका ने शरण (asylum) के मामलों में एक बड़ा बदलाव करते हुए कुछ आवेदकों को सीधे इमिग्रेशन कोर्ट भेजने का निर्णय लिया है। इस कदम का उद्देश्य लाखों लंबित मामलों के बोझ को कम करना है।

मुख्य बातें

  • USCIS इंटरव्यू को दरकिनार कर कुछ मामलों को सीधे इमिग्रेशन कोर्ट भेजा जाएगा।
  • इसका लक्ष्य 1.4 मिलियन लंबित शरण याचिकाओं के बैकलॉग को कम करना है।
  • नया नियम 'अफ़र्मेटिव' (affirmative) शरण दावों पर लागू होगा।
  • प्रशासन का तर्क है कि इससे प्रक्रिया तेज होगी और सिस्टम के दुरुपयोग पर रोक लगेगी।

संयुक्त राज्य अमेरिका ने शरण चाहने वालों (asylum seekers) के लिए एक महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव की घोषणा की है। नए नियमों के तहत, कुछ विशिष्ट शरण आवेदनों को अब अमेरिकी नागरिकता और आप्रवासन सेवाओं (USCIS) के साक्षात्कार के बिना सीधे इमिग्रेशन कोर्ट में भेजा जा सकेगा। यह निर्णय मंगलवार से तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

बैकलॉग को कम करने की कवायद

वर्तमान में, अमेरिका के पास लगभग 1.4 मिलियन शरण याचिकाओं का भारी बैकलॉग है। USCIS के निदेशक जोसेफ एडलो के अनुसार, इस कदम का मुख्य उद्देश्य संसाधनों को उन लोगों की ओर मोड़ना है जो वास्तव में उत्पीड़न का डर महसूस करते हैं, न कि उन लोगों की ओर जो सिस्टम का दुरुपयोग कर देरी करने की कोशिश करते हैं।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह बदलाव अमेरिकी आप्रवासन प्रणाली के बुनियादी ढांचे को बदलने वाला है। जहाँ प्रशासन इसे दक्षता बढ़ाने वाला कदम बता रहा है, वहीं कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इससे 'ड्यू प्रोसेस' (उचित कानूनी प्रक्रिया) प्रभावित हो सकती है।

यह नीति शरण चाहने वालों के लिए एक 'दूसरा मौका' प्रदान कर सकती है, लेकिन यह कानूनी प्रक्रियाओं की जटिलता को भी बढ़ा सकती है।

DHS के अनुमानों के अनुसार, इस परिवर्तन के तहत प्रति वर्ष 1,32,000 से अधिक मामलों को USCIS से इमिग्रेशन कोर्ट में स्थानांतरित किया जा सकता है। संघीय रजिस्टर के नोटिस के अनुसार, USCIS बैकलॉग के लगभग 31 प्रतिशत मामले इस नए नियम से प्रभावित हो सकते हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

ऐतिहासिक रूप से, अमेरिका में दो प्रकार के शरण दावे होते हैं: 'अफ़र्मेटिव' (जो लोग निर्वासन प्रक्रिया में नहीं हैं) और 'डिफेंसिव' (जो लोग पहले से ही निर्वासन प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं)। अब तक, अफ़र्मेटिव मामलों का निपटारा मुख्य रूप से USCIS द्वारा किया जाता था, लेकिन अब इन्हें सीधे न्यायाधीशों के पास भेजा जा सकेगा।

क्या आप जानते हैं?: अमेरिका में शरण के लंबित मामलों की संख्या पिछले कुछ वर्षों में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, जिससे न्यायिक प्रणाली पर भारी दबाव है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. यह नया नियम किन पर लागू होता है?
यह मुख्य रूप से 'अफ़र्मेटिव' शरण दावों पर लागू होता है जो वर्तमान में USCIS के पास लंबित हैं।

2. क्या इससे शरण पाने की संभावना कम हो जाएगी?
प्रशासन का कहना है कि इससे निर्णय तेज होंगे, हालांकि आलोचकों का तर्क है कि साक्षात्कार की कमी से महत्वपूर्ण जानकारी छूट सकती है।