तालिबान के सत्ता में आने के पांच साल बाद, संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि फंडिंग की कमी के कारण अफगानिस्तान में आधे से अधिक महिला संगठन बंद हो सकते हैं।
मुख्य बातें
- अफगानिस्तान में कार्यरत 50% से अधिक महिला संगठन अगले एक साल में बंद हो सकते हैं।
- UN Women ने डोनर देशों से फंडिंग जारी रखने की अपील की है।
- तालिबान ने महिलाओं के खिलाफ 100 से अधिक प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं।
- देश में कुपोषण और शिक्षा का संकट भी चरम पर है।
अफगानिस्तान में तालिबान के शासन को पांच साल पूरे होने के साथ ही एक गंभीर मानवीय संकट गहराता जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र (UN) ने चेतावनी दी है कि धन की भारी कमी के कारण अफगानिस्तान में काम कर रहे आधे से अधिक महिला संगठन अगले एक वर्ष के भीतर अपनी सेवाएं बंद करने पर मजबूर हो सकते हैं।
UN Women की विशेष प्रतिनिधि सुसान फर्ग्यूसन ने दाता देशों से अपील करते हुए कहा कि महिला कार्यक्रमों के लिए फंडिंग में कटौती करना अफगानिस्तान की महिलाओं के दुखों को और अधिक बढ़ा देगा। अप्रैल में किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार, 74 महिला संगठनों में से आधे से अधिक के पास परिचालन के लिए पर्याप्त धन नहीं बचा है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि अफगानिस्तान में महिलाओं के अधिकारों का हनन केवल सामाजिक नहीं, बल्कि एक गहरा मानवीय संकट बन चुका है। यदि महिला संगठन बंद होते हैं, तो शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के क्षेत्र में महिलाओं की पहुंच पूरी तरह समाप्त हो सकती है।
"फंडिंग में कमी का मतलब है अफगानिस्तान की महिलाओं के लिए उम्मीदों का अंत।"
तालिबान ने सत्ता में आने के बाद से महिलाओं के खिलाफ 100 से अधिक आदेश लागू किए हैं। इन प्रतिबंधों के कारण लड़कियां माध्यमिक स्कूलों और महिलाएं विश्वविद्यालयों में जाने से वंचित हैं। सर्वेक्षण के अनुसार, 3,200 महिलाओं में से आधे से अधिक महिलाएं महीने में केवल एक या दो बार ही घर से बाहर निकलती हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
अगस्त 2021 में अमेरिकी सेना की वापसी के बाद तालिबान ने सत्ता संभाली थी। पिछले पांच वर्षों में, देश ने न केवल राजनीतिक अस्थिरता बल्कि विनाशकारी भूकंपों और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं का भी सामना किया है, जिससे बुनियादी ढांचा पूरी तरह चरमरा गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. अफगानिस्तान में महिलाओं की स्थिति क्या है?
महिलाओं को शिक्षा, रोजगार और आवाजाही जैसे लगभग हर बुनियादी अधिकार से वंचित कर दिया गया है।
2. UN की मुख्य मांग क्या है?
UN चाहता है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय अफगानिस्तान में महिला सहायता कार्यक्रमों के लिए फंडिंग जारी रखे।