भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियान्तो ने मोदी की आधिकारिक यात्रा के दौरान एंग्क्लुंग पर बॉलीवुड की हिट धुन 'कुच कुच होता है' बजाई, जिससे दो देशों के बीच सांस्कृतिक बंधन मजबूत हुआ। इस संगीत सत्र ने दोनों नेताओं को हँसी‑खुशी में जोड़ा और द्विपक्षीय सहयोग की नई दिशा का संकेत दिया।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियान्तो ने 8 जुलाई 2026 को नई दिल्ली से इंडोनेशिया की आधिकारिक यात्रा के दौरान, पश्चिम जावानी बांस के पारम्परिक संगीत वाद्य एंग्क्लुंग पर बॉलीवुड की सुपरहिट गाना ‘कुच कुच होता है’ बजाया। यह दृश्य मेरडेका महल में एक अनौपचारिक ब्रेक के दौरान हुआ, जहाँ दोनों नेता एक-दूसरे को संगीत के माध्यम से बंधन को गहरा करने का प्रयास कर रहे थे।

एंग्क्लुंग: सांस्कृतिक कड़ी का प्रतीक

एंग्क्लुंग जावानी संगीत का प्रमुख प्रतीक है, जिसकी ध्वनि बांस के ट्यूबों को हिलाने से उत्पन्न होती है। प्रबोवो ने इस वाद्य को मोदी को एक उपहार के रूप में प्रस्तुत किया, कहा – "आपके संग्रह के लिए"। इस सरल लेकिन भावपूर्ण इशारे ने दो देशों के बीच मित्रता को संगीत के माध्यम से अभिव्यक्त किया।

बॉलीवुड का प्रभाव और द्विपक्षीय संबंध

मोदी ने इंडोनेशिया में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए कहा, "मैंने देखा कि यहाँ 'कुच कुच होता है' गाना बहुत लोकप्रिय है।" उन्होंने आगे कहा कि भारत‑इंडोनेशिया का सहयोग केवल ‘कुच कुच’ से आगे बढ़कर ‘बहुत कुच’ तक पहुँचेगा। यह कथन दोनों देशों के आर्थिक, सुरक्षा और सांस्कृतिक सहयोग की गहरी संभावनाओं को उजागर करता है।

प्रबोवो का व्यक्तिगत जुड़ाव

राष्ट्रपति प्रबोवो ने बताया कि उन्होंने भारत की यात्रा से पहले जीनोमिक टेस्ट करवाई थी, जिससे पता चला कि उनका DNA में भारतीय जीन मौजूद है। इस कारण वह भारतीय संगीत सुनते ही अपने शरीर को झूमते हुए महसूस करते हैं, और उन्होंने कहा कि उनके कई मंत्रियों को भी भारतीय गाने गाने में निपुणता है।

सम्मान और भविष्य की राह

समाप्ति के तौर पर, प्रबोवो ने मोदी को ‘बिंटांग अदिपुर्ना ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया’ पदक प्रदान किया, जो द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने के लिए दिया गया एक उच्चतम सम्मान है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सांस्कृतिक कूटनीति न केवल जनता के दिलों में दोस्ती को गहरा करती है, बल्कि रणनीतिक साझेदारी को भी नई दिशा देती है।

इंडोनेशिया के साथ भारत का इतिहास प्राचीन काल से ही व्यापार और सांस्कृतिक आदान‑प्रदान से जुड़ा रहा है। एंग्क्लुंग और बॉलीवुड के मिश्रण ने इस परम्परा को आधुनिक समय में पुनर्जीवित किया, जिससे दोनों राष्ट्रों के बीच सहयोग की नई लहर उत्पन्न हुई।