होरमुज़ जलडमरूमध्य में शिपिंग पर ईरानी हमलों के बाद अमेरिका ने ईरान पर फिर से हवाई स्ट्राइक किए। यह हमला अंतरिम शांति समझौते को कमजोर कर रहा है और क्षेत्रीय संघर्ष की संभावना को बढ़ा रहा है।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने बुधवार को ईरान के खिलाफ नई हवाई स्ट्राइक की घोषणा की, जबकि एक दिन पहले होर्मुज़ जलडमरूमध्य में ईरानी बलों ने वाणिज्यिक जहाजों पर हमला किया था। इस क्रमिक प्रतिक्रिया ने अंतरिम शांति समझौते को धूमिल कर दिया है, बाजारों में अस्थिरता पैदा की है और मध्य‑पूर्व में बड़े पैमाने पर संघर्ष की आशंकाओं को बढ़ा दिया है।
पृष्ठभूमि और रणनीतिक महत्व
होर्मुज़, जो विश्व के लगभग एक‑पाँचवें तेल और प्राकृतिक गैस के परिवहन मार्ग को नियंत्रित करता है, दशकों से भू‑राजनीतिक तनाव का केंद्र रहा है। 2024‑2025 में शुरू हुए यूक्रेन‑रूस युद्ध के बाद ईरान ने इस जलडमरूमध्य को रणनीतिक हथियार बनाकर पश्चिमी शिपिंग को बाधित करने की कोशिश की। इस संदर्भ में, अंतरिम शांति समझौता, जो दोनों पक्षों को सीधे सैन्य टकराव से बचने के लिए किया गया था, बहुत नाजुक रहा।
नवीनतम घटनाक्रम
तीन तेल टैंकरों पर ईरानी ड्रोन और मिसाइल के हमले के बाद, अमेरिकी सैन्य कमांड ने ईरानी एंटी‑एयर सिस्टम, रडार और 60 से अधिक छोटी नौकाओं पर निशाना साधा, जिन्हें ईरान के इस्लामी क्रांतिकारी गार्ड द्वारा जलमार्ग में खतरा पैदा करने के लिए इस्तेमाल किया जाता था। अमेरिकी कमांड ने कहा, “नागरिक जहाजों को लक्षित करने वाले हमलों के लिए ईरान को भारी कीमत चुकानी होगी।” इस बीच, ईरान ने फ़ारसी खाड़ी में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर प्रत्युत्तर दिया, जिससे दो‑तरफ़ा प्रतिशोध की लहर शुरू हुई।
राजनीतिक प्रभाव
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस वार्ता को नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान टर्की के अंकारा में संबोधित करते हुए कहा कि “इंटरिम समझौता अब खत्म हो गया है” और आगे कहा कि “हम फिर से तेज़ी से कार्रवाई करेंगे”। हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यह पूरी‑पैमाने पर युद्ध में नहीं बदल सकता। ट्रम्प के बयान ने दोनों पक्षों के बीच वार्ता को और जटिल बना दिया, क्योंकि ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघर कालिबाफ ने कहा कि “धमकियों और बदमाशी का दौर समाप्त हो गया है” और ईरानी विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी नीति की विफलता को उजागर किया।
आर्थिक और सुरक्षा प्रभाव
होरमुज़ में अस्थिरता के कारण तेल की कीमतें तुरंत बढ़ीं, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता उत्पन्न हुई। साथ ही, बहरैन और कुवैत में मिसाइल अलर्ट जारी किए गए, जहाँ क्रमशः अमेरिकी नौसेना की पाँचवीं फ़्लीट और अमेरिकी सेना की तैनाती स्थित है। इस तीव्र तनाव ने खाद्य, उर्वरक और ऊर्जा की कीमतों में अतिरिक्त उछाल दिया, जिससे विश्व आर्थिक पुनरुद्धार की प्रक्रिया पर दबाव बढ़ा।
भविष्य की संभावनाएँ
ईरानी नेतृत्व के भीतर कड़े‑रुख वाले और मध्यम‑रुख वाले तत्वों के बीच विभाजन स्पष्ट हो रहा है। जहाँ एक पक्ष जलडमरूमध्य पर स्थायी नियंत्रण चाहता है, वहीं दूसरा स्थायी शांति समझौता, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों में कमी और आर्थिक राहत चाहता है। आयतुल्लाह खामेनेई की मृत्यु के बाद जारी शोक समारोह के बाद, दोनों देशों के बीच अंतिम समझौते की बातचीत शुरू होने की उम्मीद है, लेकिन होर्मुज़ में चल रहे संघर्ष से यह प्रक्रिया कई हफ्तों तक टल सकती है।
संक्षेप में, अमेरिकी नई स्ट्राइक और ईरानी प्रतिशोध ने मध्य‑पूर्व में एक अस्थिर शांति को और अधिक कमजोर कर दिया है, जिससे क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर आर्थिक एवं सुरक्षा जोखिम बढ़ रहे हैं।