बांग्लादेश के कॉक्स बाजार में भारी बारिश के कारण हुए भीषण भूस्खलन ने एक इस्लामिक मदरसे को मलबे में दफन कर दिया, जिससे सात बच्चों और एक शिक्षक की दुखद मृत्यु हो गई।
बांग्लादेश के दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र कॉक्स बाजार में स्थित रोहिंग्या शरणार्थी शिविरों में प्रकृति का कहर बरपा है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण हुए एक भीषण भूस्खलन में सात मासूम बच्चों और एक शिक्षक की जान चली गई है। यह हृदयविदारक घटना उस समय हुई जब बच्चे एक इस्लामिक मदरसे में पढ़ाई कर रहे थे।
मलबे में दफन हुआ मदरसे का परिसर
यूनाइटेड काउंसिल ऑफ रोहिंग्या के अध्यक्ष सय्यद उल्लाह ने जानकारी दी कि भारी बारिश के बाद पहाड़ से आए कीचड़ और मलबे ने मदरसे को पूरी तरह से अपनी चपेट में ले लिया। शरणार्थी राहत और पुनर्वास आयुक्त (RRRC) मोहम्मद मिजानुर रहमान ने बताया कि चार बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों से परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना शुरू कर दिया है।
बढ़ता मानवीय संकट और पर्यावरणीय खतरा
यह त्रासदी कोई अकेली घटना नहीं है। पिछले कुछ हफ्तों में बाढ़ और भूस्खलन के कारण कई रोहिंगया शरणार्थियों की जान जा चुकी है और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं। 2017 में म्यांमार के रखाइन राज्य में सैन्य कार्रवाई के बाद से लगभग 12 लाख रोहिंग्या शरणार्थी बांग्लादेश में शरण लिए हुए हैं। ये शरणार्थी बेहद घनी आबादी वाले और अस्थाई बुनियादी ढांचे में रह रहे हैं, जहाँ प्लास्टिक की चादरें ही उनके सिर की छत हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी
बांग्लादेश के बाढ़ पूर्वानुमान और चेतावनी केंद्र ने चेतावनी दी है कि इस क्षेत्र में अगले चार दिनों तक मूसलाधार बारिश जारी रहने की संभावना है। इससे शिविरों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए खतरा और बढ़ गया है। भूस्खलन और अचानक आने वाली बाढ़ के कारण कई लोग सोते समय भी मलबे की चपेट में आ गए हैं, जो इस मानवीय संकट की भयावहता को दर्शाता है।