संयुक्त राज्य न्याय विभाग ने लारेंस बिश्नोई के डीसेंट्रलाइज़्ड अपराध नेटवर्क को उजागर किया, जिसमें भारत के गरीब नाबालिगों को भर्ती करके विदेश में काम कराया गया। समूह का हत्याकांड, साक्ष्य और वैश्विक खोज के बारे में विस्तृत विवरण जारी किया गया।
संयुक्त राज्य अमेरिका के विभागीय न्याय विभाग (DoJ) ने जुलाई 2026 में एक विस्तृत अभियोग जारी किया, जिसमें पंजाब‑आधारित बिश्नोई गैंग के प्रमुख लारेंस बिश्नोई और उसके सहयोगियों पर कई आपराधिक आरोप लगाए गए। यह आरोप 2022‑2026 के बीच किए गए कई अंतरराष्ट्रीय अपराधों, जिसमें भारत में गरीब नाबालिगों को भर्ती करके अपराधी नेटवर्क में शामिल करना और एक प्रमुख भारतीय अभिनेता 'एस.के.' को मारने का इरादा शामिल है, को दर्शाता है।
पृष्ठभूमि और उत्पत्ति
लारेंस बिश्नोई, पंजाब में जन्मे एक गँभीर गैंगस्टर, 2023 से अहमदाबाद के उच्च‑सुरक्षा जेल में बंद है। DoJ के दस्तावेज़ों के अनुसार, वह 2022 में अपने समूह को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तारित करने की योजना बना रहा था, जिसमें भारत, कनाडा, यूएस और यूरोप में शाखाएँ स्थापित की गईं।
अमेरिकी न्याय विभाग की कार्रवाई
DoJ ने कैलिफ़ोर्निया के एक फेडरल कोर्ट में 37 आरोपियों के खिलाफ अभियोग दायर किया, जिनमें 24 को यूएस, कनाडा और स्पेन में गिरफ्तार किया गया। अभी भी 10 आरोपी फरार हैं—7 यूएस में, 2 भारत में और 1 यूरोप में। अभियोग में बताया गया है कि बिश्नोई गैंग ने भारत के गरीब नाबालिगों को “पैसे, प्रसिद्धि और सुरक्षा” का वादा करके आकर्षित किया।
डिसेंट्रलाइज़्ड संरचना
साक्ष्य यह दर्शाते हैं कि बिश्नोई गैंग का संचालन अत्यधिक विकेन्द्रीकृत था। नेतृत्व को छोड़कर, अधिकांश सदस्य अन्य सदस्यों की पहचान या पृष्ठभूमि के बारे में सीमित जानकारी रखते थे। यह संरचना समूह को कानूनी जोखिम से बचाने के लिए डिज़ाइन की गई थी; यदि कोई सदस्य गिरफ्तार हो जाता, तो वह सहयोगी को नहीं पहचान पाता था, जिससे सूचना का प्रवाह बाधित रहता था।
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और धोखाधड़ीपूर्ण वीज़ा
गैंग ने अपने भरोसेमंद सदस्यों को छात्र वीज़ा और विदेशी कार्य वीज़ा के माध्यम से यूएस और कनाडा भेजा, अक्सर गलत जानकारी दर्ज करके। इन सदस्यों को “विदेशी ऑपरेशन” में शामिल किया गया, जहाँ वे धन शोधन, ब्लैकमेल और अन्य संगठित अपराधों में संलग्न थे। इस प्रक्रिया में साक्षी, जिनका नाम सुखराज सिंह कंग है, ने एक गुप्त सूचना प्रदान की, जिससे FBI को कई ठगी और Extortion के प्रमाण मिले।
भविष्य के प्रभाव
DoJ का यह कदम भारत‑अमेरिका सहयोग को नई दिशा देता है, विशेषकर संगठित अपराध के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग में। यदि इस नेटवर्क को पूरी तरह से गिराया गया, तो यह भविष्य में समान डीसेंट्रलाइज़्ड गैंगों के लिए एक निवारक संदेश हो सकता है। साथ ही, यह भारत में नाबालिगों की सुरक्षा और विदेश में वीज़ा धोखाधड़ी पर नई नीतियों की मांग को भी उजागर करता है।