इज़राइल ने संयुक्त राज्य को इरान की नई योजना के बारे में जानकारी दी, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को मारने की साजिश शामिल है। यह खुलासा बढ़ते यू‑एस‑इरान तनाव और ट्रम्प की अनोखी विमान बदलने की कार्रवाई के बीच आया है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- इज़राइल ने ट्रम्प को मारने की नई इरानी साजिश की जानकारी अमेरिका को दी।
- यह योजना बढ़ते यू‑एस‑इरान तनाव के बीच सामने आई, जिसमें हालिया हवाई हमले भी शामिल हैं।
- नाटो शिखर सम्मेलन के बाद ट्रम्प ने पुराने एयरफ़ोर्स वन से उड़ान भरने का रहस्यमय फैसला किया, जिससे सुरक्षा सवाल उठे।
वाशिंगटन, डी.सी. – इस हफ़्ते इज़राइल ने अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों को एक नई और “विशिष्ट” इरानी योजना के बारे में सूचना साझा की, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को लक्षित करने की साजिश शामिल है, जैसा कि यू‑एस मीडिया ने 9 जुलाई को रिपोर्ट किया। इस सूचना का प्रकाशन उसी समय आया जब अमेरिकी और इरानी बलों के बीच नए हवाई हमले हुए हैं, जिससे व्यापक युद्ध की आशंकाएँ बढ़ गई हैं।
पृष्ठभूमि और ऐतिहासिक संदर्भ
इरेक्टेड इरान‑अमेरिका संबंधों में सबसे बड़ी चोट 2020 में ट्रम्प प्रशासन द्वारा इरानी जनरल क़ासिम सलेमीनी की हत्या से आई थी। उस कार्रवाई के बाद इरान ने कई बार प्रतिशोध की बात दोहराई है, और इस नई योजना को उसी प्रतिशोध का हिस्सा माना जा रहा है। इस बीच इज़राइल और इरान के बीच भी वर्षों से गहरी शत्रुता बनी हुई है, जिससे दोनों देशों के बीच गुप्त सूचना साझा करना अक्सर अमेरिकी हित में माना जाता है।
इज़राइल की नई चेतावनी
अमेरिकी स्रोतों के अनुसार, इज़राइल ने इस “नई” साजिश को “विशिष्ट” बताया, जिसका मतलब है कि यह सिर्फ एक सामान्य खतरा नहीं, बल्कि एक ठोस, क्रियान्वित योजना है। इस सूचना को CNN और Wall Street Journal ने अनाम स्रोतों से पुष्टि की है, और दोनों ने बताया कि यह “ताज़ा” साजिश है, जो पहले की रिपोर्टों से अलग है।
ट्रम्प की विमान बदलने की असामान्य कार्रवाई
नाटो शिखर सम्मेलन के बाद ट्रम्प ने अपने पुराने एयरफ़ोर्स वन विमान से टर्की से प्रस्थान किया, जबकि उनका नया क़तरी‑उपहारित जेट पहले ब्रिटेन की ओर भेजा गया था। इस परिवर्तन को कई सुरक्षा विशेषज्ञों ने संकेत दिया कि नए जेट की सुरक्षा सुविधाओं में कमी हो सकती है, विशेषकर जब यू‑एस ने इरान के खिलाफ नई हवाई हमले शुरू किए थे, जो टर्की की सीमा के पास होते हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स ने रिपोर्ट किया कि यह बदलाव अमेरिकी सीक्रेट सर्विस की “सुरक्षा सावधानी” के अनुरोध पर किया गया था।
भविष्य की संभावनाएँ और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव
यदि इस साजिश की पुष्टि होती है, तो यह न केवल यू‑एस‑इरान तनाव को और तेज़ करेगा, बल्कि इज़राइल‑अमेरिका सहयोग को भी नई दिशा देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की खुफ़िया साझेदारी दोनों देशों को संभावित खतरों की पूर्वसूचना देकर रणनीतिक लाभ दे सकती है, लेकिन साथ ही यह मध्य पूर्व में नई जटिलताओं को भी जन्म दे सकती है। इस बीच, ट्रम्प की सुरक्षा टीम ने इस बात को नहीं बताया कि क्या उन्होंने इस नई चेतावनी के आधार पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय अपनाए हैं।