संयुक्त राज्य ने अपने अंतिम हवाई अभियान समाप्त करने के बाद इरान के विभिन्न क्षेत्रों में अनाम हवाई हमले हुए। इन हमलों ने खाड़ी के देशों और अमेरिकी सैन्य रणनीति पर नई चिंताएँ उत्पन्न की हैं।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • यूएस ने 90 लक्ष्य पर हमले समाप्त किए, फिर भी इरान में अनाम हवाई हमले हुए।
  • हवाबा, अहवाज़, चाबहार और बसहर सहित कई शहरों को नुकसान पहुँचा।
  • खाड़ी के अरब देशों और यूएई में सुरक्षा अलर्ट जारी, क्षेत्रीय तनाव तेज़।

संयुक्त राज्य के सेंट्रल कमांड ने गुरुवार सुबह लगभग 6:30 बजे घोषणा की कि उसने अपना नवीनतम हवाई अभियान समाप्त कर दिया है, जिसमें लगभग 90 लक्ष्यों को मार गिराया गया। उसी समय इरान के कई प्रांतों—बुशेहर, सीस्तान‑और‑बालुचिस्तान, अहवाज़ और चाबहार—में ध्वनि और विस्फोट सुनाई दिए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि अनाम हवाई हमले जारी हैं।

पृष्ठभूमि और रणनीतिक महत्व

इन हमलों का समय इरान के पूर्वतम नेता आयतुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारियों के साथ मेल खाता है, जिससे क्षेत्र में संवेदनशीलता बढ़ गई है। इरान ने अभी-अभी यूएई को अमेरिकी अभियान में सहयोग का आरोप लगाते हुए चेतावनी जारी की, जबकि यूएई के शेख मोहम्मद बिन जायद अल नह्यान ने कुवैत की यात्रा की और सुरक्षा संबंधी समन्वय किया। इस बीच, बहरैन, जॉर्डन, कुवैत और कतर को भी मिसाइल अलर्ट सुनना पड़ा, जिससे नागरिकों को आश्रय में जाना पड़ा।

क्षेत्रीय प्रतिक्रिया और कूटनीति

खाड़ी के अरब देशों ने तत्काल मिलकर कतर के विदेश मंत्री और पाकिस्तान के साथ बातचीत की, जिसका उद्देश्य इरान‑अमेरिका के बीच मौजूदा अंतरिम समझौते को स्थिर रखना है। वहीं, इज़राइल ने अभी तक कोई दावा नहीं किया, लेकिन सुरक्षा मंत्री इज़राइल कात्ज़ ने कहा कि उनका बल्ज़-व्हाइट ऑपरेशन फिर से शुरू हो सकता है, यदि खतरा बढ़ता है। इस प्रकार, अनाम हमलों के पीछे कई संभावित अभिनेता हो सकते हैं—जैसे सौदी अरब, यूएई या अन्य गुप्त दल।

हॉर्मुज़ जलमार्ग का वैश्विक प्रभाव

हॉर्मुज़ जलमार्ग, जो विश्व के लगभग 20% तेल और गैस का प्रमुख परिवहन मार्ग है, इस संघर्ष का केंद्र बना हुआ है। इरान का दावा है कि जलमार्ग को पूरी तरह से उसकी अधिकारिता में होना चाहिए, जबकि यूएस नौसेना जहाजों को ओमान के जल में दक्षिणी मार्ग अपनाने की सलाह देती है। इस दिशा-निर्देश के कारण पिछले मंगलवार को तीन जहाजों पर इरानी मिसाइल ने हमला किया था, जिससे जलमार्ग की सुरक्षा पर नई प्रश्न उठे।

भविष्य की संभावनाएँ

अनाम हवाई हमले और इरान की कूटनीतिक चेतावनियों के बीच, खाड़ी में तनाव का स्तर अब पहले से अधिक उच्च है। यदि कोई पक्ष बड़े पैमाने पर प्रतिक्रिया देता है, तो यह एक विस्तृत सैन्य टकराव की ओर ले जा सकता है, जिससे वैश्विक ऊर्जा कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर असर पड़ेगा। इस जटिल परिदृश्य में, अंतरराष्ट्रीय समुदाय को शीघ्रता से मध्यस्थता करनी होगी, ताकि क्षेत्रीय स्थिरता बरकरार रहे।