संयुक्त राज्य ने दुबई के धनी बैंकर अली अंसारी और 13 अन्य व्यक्तियों एवं संस्थाओं पर नई प्रतिबंधों की घोषणा की। ये कदम इरान की नई शक्ति मोज़्तबा खामेनेई के वित्तीय नेटवर्क को नष्ट करने के उद्देश्य से उठाए गए हैं।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • अली अंसारी पर नई अमेरिकी प्रतिबंध
  • मोज़्तबा खामेनेई से जुड़ी वित्तीय नेटवर्क को लक्ष्य
  • IRGC और इरान की रीज़िंग एलीट पर आर्थिक दबाव बढ़ा

संयुक्त राज्य ने शुक्रवार को इरान‑संबंधित 14 प्रतिबंधों की नई सूची जारी की, जिसमें दुबई स्थित इरानी बैंकर‑व्यवसायी अली अंसारी को प्रमुख लक्ष्य बनाकर रखा गया। अंसारी को पहले भी ब्रिटेन द्वारा प्रतिबंधित किया जा चुका था, क्योंकि वह इरान के इस्लामिक रिपब्लिकन गार्ड (IRGC) तथा अन्य प्रतिबंधित इकाइयों को वित्तीय सहायता प्रदान करता था।

पृष्ठभूमि और ऐतिहासिक संदर्भ

अली अंसारी ने सार्वजनिक धन को विदेशी रियल एस्टेट और वाणिज्यिक संपत्तियों में चुराकर एक विशाल पोर्टफ़ोलियो तैयार किया, जिसका लाभ केवल खुद को ही नहीं, बल्कि मोज़्तबा खामेनेई, उनके परिवार और इरान के उच्च शासक वर्ग को भी मिलता रहा। 2025 में इरान की सरकार ने अंसारी के स्वामित्व वाली आयंदेह बैंक को बंद कर दिया, फिर भी वह कई शैल कंपनियों और बहु‑देशीय बैंक खातों के माध्यम से संपत्तियां जमा करता रहा।

नए प्रतिबंधों के मुख्य बिंदु

संयुक्त राज्य के ट्रेज़री विभाग ने बताया कि अंसारी ने सेंट किट्स और नेविस में स्थित Smart Global Limited के तहत यूरोप, खाड़ी और अन्य क्षेत्रों में रियल एस्टेट में निवेश किया था। इसके अलावा, तीन इरानी एक्सचेंज हाउस, हांगकांग स्थित CDM Trading Limited और यूएई की Naba Alzaki Raw Materials Trading LLC को भी प्रतिबंधित किया गया, क्योंकि वे शैल कंपनियों के जाल के माध्यम से अरबों डॉलर की धनराशि को छुपा रहे थे।

भूराजनीतिक प्रभाव

इस कदम के पीछे वॉशिंगटन का उद्देश्य इरान के शासक वर्ग को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली से अलग करना है, विशेषकर जब इरान ने स्ट्रेट ऑफ़ हॉर्मुज में तेल टैंकरों पर पुनः हमले किए थे। इन घटनाओं के बाद अमेरिकी सैन्य बलों ने इरानी साइटों पर प्रहार किया और इरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर प्रतिशोधी हमले किए। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा, “संयुक्त राज्य इरान के शासक वर्ग की वित्तीय लाइफलाइन को काटने में निर्णायक कार्रवाई कर रहा है।”

आगे का मार्ग

ट्रेज़री सचिव स्कॉट बेस्ट ने घोषित किया कि अमेरिका “हर संभव साधन” का उपयोग करके मोज़्तबा खामेनेई और उनके सहयोगियों को वैश्विक वित्तीय नेटवर्क से बाहर रखने का संकल्प ले रहा है। यह नीति इरान‑संयुक्त राज्य के मौजूदा समझौते, विशेषकर अनुच्छेद 9, को चुनौती देती प्रतीत होती है, जहाँ दोनों पक्षों ने नई प्रतिबंधों से बचने और अतिरिक्त सैनिक तैनाती न करने का वचन दिया था। विशेषज्ञों का मानना है कि यह नया दबाव इरान के मौजूदा कूटनीतिक ढाँचे को ध्वस्त कर नई रणनीति की ओर संकेत करता है।