नई उपग्रह तस्वीरें दिखाती हैं कि इरान ने यूएस‑इज़राइल के हमलों के बाद अपनी परमाणु सुविधाओं की मरम्मत शुरू कर दी है। पर्चिन और अन्य रणनीतिक स्थलों पर काम की गतिविधियाँ बढ़ी हैं, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या इरान ने जून में हुए समझौते का पालन किया है। इस कदम के वैश्विक सुरक्षा पर गहरा असर पड़ सकता है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- पर्चिन सैन्य परिसर पर मरम्मत कार्य, जो परमाणु हथियार अनुसंधान से जुड़ा है, पुनः शुरू हुआ है।
- इस्तफ़़ान, फ़ोरोव और नतांज़ जैसे प्रमुख परमाणु केंद्रों पर बड़े पैमाने पर पुनर्निर्माण की कोई स्पष्ट निशानी नहीं मिली।
- उपग्रह छवियाँ संकेत देती हैं कि इरान चयनित रणनीतिक सुविधाओं को प्राथमिकता दे रहा है, जिससे अमेरिका‑इरान समझौते की वैधता पर प्रश्न उठते हैं।
अक्टूबर 2025 में अमेरिकी‑इज़राइली हवाई हमलों के बाद इरान को अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा एक समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया था, जिसमें उसे अपने परमाणु कार्यक्रम को स्थिर रखने और हथियार विकास से परहेज़ करने का वादा करना था। हालाँकि, 11 जुलाई 2026 को जारी नई उपग्रह छवियाँ स्पष्ट करती हैं कि इरान ने इस समझौते के कुछ हिस्सों को नज़रअंदाज़ करते हुए पर्चिन सैन्य परिसर की मरम्मत शुरू कर दी है।
पर्चिन पर पुनर्निर्माण
पर्चिन, जो पश्चिमी खुफिया एजेंसियों के अनुसार, उच्च-शक्ति विस्फोटकों के शोध का केंद्र रहा है, पर 2025 के हमलों के बाद क्षति के निशान दिखाई देते हैं। हालिया छवियाँ दर्शाती हैं कि वहाँ के टनल सिस्टम में वाहन आने-जाने लगे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इरान ने नुकसान को सील करने और कार्य को आगे बढ़ाने का प्रयास किया है। यह गतिविधि, विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका के साथ हुए समझौते के अनुरूप नहीं है।
अन्य प्रमुख सुविधाएँ
इस्तफ़़ान परमाणु परिसर, फ़ोरोव का भूमिगत समृद्धि संयंत्र, और नतांज़ समृद्धि स्थल पर किसी भी बड़े पैमाने पर पुनर्निर्माण के स्पष्ट संकेत नहीं मिले। यह दिखाता है कि इरान ने चुनिंदा रूप से मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता दी है, संभवतः अपनी रक्षा क्षमताओं को तेज़ी से बहाल करने के उद्देश्य से।
मिसाइल बेस और एयरोबेस पर भी मरम्मत
उपग्रह छवियाँ यह भी दर्शाती हैं कि तबरिज़ और करमांशाह के पास मिसाइल बेस और कुछ हवाई अड्डों पर भी मरम्मत कार्य चल रहे हैं। यह इरान के व्यापक रणनीतिक पुनर्निर्माण के संकेत हैं, जो केवल परमाणु कार्यक्रम तक सीमित नहीं है।
भविष्य की अनिश्चितता
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा हाल ही में इरानी लक्ष्यों पर नई सैन्य कार्रवाई के अनुमोदन से यह स्पष्ट हो गया है कि दो देशों के बीच समझौता प्रभावी रूप से समाप्त हो गया है। इस परिस्थिति में, इरान के पुनर्निर्माण कार्यों का अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह समय बताएगा।