संयुक्त राज्य और ईरान के बीच नई तीव्रता से टकराव ने स्ट्रेट ऑफ़ हॉरमज में शिपिंग की सुरक्षा को लेकर मौजूदा अंतरिम समझौते को कमजोर कर दिया है। ओमान और क़तर के मध्यस्थता प्रयासों के बावजूद दोनों पक्षों की स्थितियों में और कड़ा हुआ है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर ईरान को स्ट्रेट ऑफ़ हॉरमज खोलने का आदेश दिया।
- ईरानी विदेश मंत्री ने ओमान में वार्ता जारी रखी, लेकिन जलमार्ग पर नियंत्रण की माँग की।
- हॉरमज जलमार्ग का नियंत्रण वैश्विक ऊर्जा बाजार को अस्थिर कर सकता है।
संयुक्त राज्य के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार को ट्रुथ सोशल पर कई पोस्ट कर ईरान को स्ट्रेट ऑफ़ हॉरमज को “खुला” रखने और शिपिंग को लक्षित न करने का सार्वजनिक आश्वासन माँगा। यह मांग तब आई जब ईरानी नेता ने इस जलमार्ग को अपनी नियंत्रण में रखने और पारगमन शुल्क लेने की पुष्टि की। दोनों पक्षों के बीच यह टकराव मध्य पूर्व में चल रही अंतरिम शांति समझौते को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है।
पृष्ठभूमि और वर्तमान स्थिति
हॉरमज जलमार्ग, जो विश्व के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है, पर ईरान का नियंत्रण 2024‑2025 के मध्य‑पूर्वीय संघर्ष के दौरान वैश्विक तेल कीमतों को $120 प्रति बैरल तक बढ़ा चुका था। इस वर्ष, ईरान ने फिर से तीन जहाज़ों पर हमला किया, जिससे यू.एस. ने प्रतिप्रहार में हवाई हमले किए। इन घटनाओं के बाद, ट्रम्प ने युद्धविराम को “समाप्त” घोषित कर नई धमकियों की लहर शुरू कर दी।
ओमान‑क़तर मध्यस्थता की सीमा
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ी ने ओमान की राजधानी में ओमानी समकक्ष से मिलकर शिपिंग सुरक्षा और परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा जारी रखी। उसी समय क़तर के मध्यस्थों ने ईरान की राजधानी में वार्ता की, जिससे दोनों पक्षों की स्थिति में और कड़ापन आया। अराग़ी ने यू.एस. को “इंटरिम समझौते” का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ईरान को अब भी जलमार्ग पर शुल्क वसूल करने का अधिकार है।
भविष्य के प्रभाव
यदि हॉरमज जलमार्ग पर ईरान का नियंत्रण बना रहा, तो वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति में व्यवधान जारी रह सकता है, जिससे विश्व अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ेगा। यू.एस. ने जहाज़ों को ओमान के दक्षिणी जल क्षेत्रों के माध्यम से वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी है, पर यह विकल्प भी जोखिम भरा है क्योंकि ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड की सक्रियता बढ़ी हुई है।
विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण
राष्ट्रों के बीच यह तनाव न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा को चुनौती देता है, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में अस्थिरता को भी बढ़ाता है। ओमान‑क़तर जैसे छोटे मध्यस्थों की भूमिका सीमित हो सकती है, जब तक कि दो बड़े शक्तियों—अमेरिका और ईरान—के बीच स्पष्ट समझौता न हो।