फिनलैंड में मई 2026 से लापता हैदराबाद के 18 वर्षीय छात्र मनिदीप रेड्डी का शव हेलसिंकी में समुद्र से बरामद किया गया है। छात्र के परिवार और उनके वकील ने मौत को संदिग्ध बताते हुए फिनिश अधिकारियों पर मामले को दबाने का आरोप लगाया है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • हैदराबाद के 18 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग छात्र मनिदीप रेड्डी मई 2026 से फिनलैंड में लापता थे।
  • उनका शव हेलसिंकी के समुद्र से बरामद किया गया, जिसकी सूचना भारतीय दूतावास ने 10 जुलाई 2026 को परिवार को दी।
  • परिवार के वकील ने फिनिश पुलिस पर जांच में ढिलाई और 29 मई के बाद संपर्क पूरी तरह से बंद करने का आरोप लगाया है।

फिनलैंड में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैदराबाद के एक 18 वर्षीय छात्र मनिदीप रेड्डी का शव दो महीने से अधिक समय के बाद हेलसिंकी के समुद्र से बरामद किया गया है। मनिदीप लैपिनरांता-लाहती यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (LUT यूनिवर्सिटी) के लाहती कैंपस से सॉफ्टवेयर और सिस्टम इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन कर रहे थे। वह लाहती के रिटानिएमेनकातु में रह रहे थे और अचानक मई के पहले सप्ताह में लापता हो गए थे।

संदिग्ध परिस्थितियां और कानूनी आरोप

परिवार के कानूनी सलाहकार के.एल.बी. कुमार ने इस घटना को एक प्राकृतिक मौत मानने से पूरी तरह इनकार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मनिदीप को आखिरी बार 5 मई को हेलसिंकी के एक मॉल में देखा गया था, और उनकी मौत के पीछे कोई गहरी साजिश हो सकती है। वकील ने फिनिश सरकार पर तथ्यों को जानबूझकर छिपाने और मामले को रफा-दफा करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि दो महीने बाद समुद्र से शव का मिलना कई तरह के गंभीर सवाल खड़े करता है।

संचार का पूर्ण अभाव और परिवार की पीड़ा

मनिदीप के पिता गुज्जा मुथ्यम रेड्डी ने बताया कि उनके बेटे के दिल्ली निवासी मित्र ने फिनिश पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, शुरुआती जानकारी के बाद, 29 मई से फिनिश अधिकारियों ने परिवार के ईमेल और फोन कॉल्स का जवाब देना पूरी तरह बंद कर दिया। परिवार ने आरोप लगाया है कि स्थानीय पुलिस ने इस मामले की जांच में अत्यधिक लापरवाही बरती है और भारतीय दूतावास के हस्तक्षेप के बावजूद सहयोग नहीं किया।

राजनयिक और संस्थागत संदर्भ

यह घटना विदेशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है। हाल के वर्षों में विदेशों में भारतीय छात्रों की रहस्यमयी मौतों और गुमशुदगी के मामलों में वृद्धि देखी गई है। इस मामले में तेलंगाना उच्च न्यायालय ने भी केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर इस दिशा में त्वरित कदम उठाने का निर्देश दिया है। पीड़ित परिवार ने भारत सरकार से अपील की है कि उन्हें तत्काल फिनलैंड जाने और अपने बेटे के शव को देखने की अनुमति दी जाए।