सऊदी अरब के सना हवाई अड्डे पर हुए हमले के प्रतिकार में हौथी समूह ने अबहा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया, जिससे यमन‑सऊदी तनाव फिर से बढ़ गया।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • हौथी ने अबहा हवाई अड्डे पर प्रतिशोधी मिसाइल हमले किया
  • सऊदी द्वारा सना हवाई अड्डे पर किया गया हमला इस चक्र को शुरू करता है
  • यमन में फिर से बढ़ते तनाव से क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर पड़ सकता है

यमन के इरान‑समर्थित हौथी विद्रोहियों ने सोमवार को सऊदी अरब के अबहा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मिसाइल और ड्रोन का प्रहार किया। समूह ने इस कार्रवाई को सऊदी द्वारा सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर किए गए हवाई हमले का प्रतिकार बताया, जिसे उन्होंने रियाद की ओर आरोपित किया। इस हमले में कोई जीवित नुकसान की सूचना नहीं मिली, परंतु यह घटनाक्रम दोनों पक्षों के बीच पहले के शांति‑काल के बाद सबसे बड़े तनाव को दर्शाता है।

सना हवाई अड्डे पर सऊदी का हमला

अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त यमनी सरकार ने कहा कि सऊदी‑नेतृत्व वाली गठबंधन ने सना हवाई अड्डे को निशाना बनाया ताकि एक इरानी विमान को लैंड करने से रोका जा सके। इस कदम को हौथी ने अपनी संप्रभुता और मानवतावादी उड़ानों पर प्रतिबंध के रूप में देख कर कड़ा विरोध किया। सऊदी अधिकारियों ने इस हमले पर तुरंत टिप्पणी नहीं की, परंतु बाद में उन्होंने कहा कि उनके एंटी‑मिसाइल सिस्टम ने हौथी द्वारा प्रक्षेपित बैलिस्टिक मिसाइल को रोका।

हौथी का अबहा पर प्रतिशोध

हौथी के सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने टेलीग्राम पर जारी वीडियो में कहा कि अबहा हवाई अड्डे पर हमला सना हवाई अड्डे पर सऊदी द्वारा किए गए हमले का प्रतिकार है। उन्होंने सऊदी आकाश में उड़ान भरने वाले सभी विमानों को चेतावनी दी और कहा कि सना हवाई अड्डे पर नाकाबंदी हटाए जाने तक यह चेतावनी लागू रहेगी। इस बयान में उन्होंने कहा कि “यह आक्रमण अनुत्तरित नहीं रहेगा”।

पिछला तनाव और भविष्य की संभावनाएँ

इस महीने की शुरुआत में हौथी ने आरोप लगाया था कि सऊदी विमान ने इरानी विमान को रोकने के लिए उनके हवाई क्षेत्र में प्रवेश किया था, जो ईरान के सर्वोच्च नेता के अंतिम संस्कार में भाग लेने के लिए हौथी प्रतिनिधि दल को ले जा रहा था। यमन के रक्षा मंत्री जनरल ताहेर अल‑अकीली ने इस घटना को “धोखेबाज और क्रूर” कहा और कहा कि अब उनका धैर्य समाप्त हो चुका है। संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिनिधि हांस ग्रुंडबर्ग ने इस तनाव को लेकर चिंता व्यक्त की और सभी पक्षों को संवाद की अपील की।

क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर

यमन में 2014 से चल रहा गृहयुद्ध, सऊदी‑नेतृत्व वाले गठबंधन और हौथियों के बीच कई चरणों में उलझा रहा है। 2022 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा मध्यस्थता से स्थापित शांति‑समझौते के बाद भी इस क्षेत्र में अस्थायी शांति बनी थी। अबहा और सना दोनों हवाई अड्डों पर हुए इस प्रत्यास्थ्रापी हमले से मध्य पूर्व में सुरक्षा की स्थिति फिर से अस्थिर हो सकती है, और मानवतावादी सहायता मार्ग भी बाधित हो सकते हैं।