अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इराक के प्रधानमंत्री अल‑ज़ैदी को व्हाइट हाउस में मिलिशिया निरस्त्रीकरण और एक बड़े तेल पाइपलाइन समझौते पर चर्चा के लिए स्वागत किया। यह मुलाकात दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग को गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • ट्रम्प ने अल‑ज़ैदी को व्हाइट हाउस में स्वागत किया
  • इराक की ईरान‑समर्थित मिलिशिया का निरस्त्रीकरण प्राथमिकता
  • दो देशों के बीच तेल पाइपलाइन समझौता जल्द साइन होने वाला है

वाशिंगटन – अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को इराक के नए प्रधानमंत्री अली अल‑ज़ैदी को व्हाइट हाउस में बुलाया, ताकि इराक में ईरान‑समर्थित मिलिशिया के निरस्त्रीकरण और एक विशाल तेल पाइपलाइन समझौते पर विस्तृत चर्चा की जा सके। यह मुलाकात इराक की राजनीतिक अस्थिरता को कम करने और अमेरिकी निवेश को बढ़ावा देने के दोहरे उद्देश्य को दर्शाती है।

पृष्ठभूमि और अल‑ज़ैदी का उदय

अली अल‑ज़ैदी, जो एक सफल व्यवसायिक शख़्सियत हैं, को पिछले वर्ष के संसद चुनावों में राजनीतिक गतिरोध के बाद एक सामंजस्यपूर्ण उम्मीदवार के रूप में चुना गया। उनका व्यापारिक पृष्ठभूमि उन्हें “मध्य पूर्व का ट्रम्प” के रूप में तुलना करने के लिए प्रेरित करता है, जबकि उनका कोई पारंपरिक राजनीतिक अनुभव नहीं है। ट्रम्प प्रशासन ने पहले ही अल‑मलीकी को अस्वीकार कर दिया था, जिन्हें वे ईरान के करीब मानते थे, और अल‑ज़ैदी को एक अधिक सहयोगी के रूप में सराहा।

ईरान‑समर्थित मिलिशिया निरस्त्रीकरण

इराक में कई मिलिशिया समूह, जो ईरान से वित्तीय और सैन्य समर्थन पाते हैं, पिछले कुछ महीनों में अमेरिकी ठिकानों और दूतावास पर हमले कर चुके हैं। वाशिंगटन ने इन समूहों को सितंबर के अंत तक निरस्त्रीकरण करने का डेडलाइन दिया है, लेकिन कई प्रमुख मिलिशिया ने इस लक्ष्य को अस्वीकार कर दिया है। इस मुलाकात में ट्रम्प ने कहा कि अमेरिकी निर्णय “सूचित” होंगे, और वह इराक की निरस्त्रीकरण प्रगति के आधार पर आगे के सहायता पैकेज को समायोजित करेंगे।

तेल पाइपलाइन समझौता

इराक, अमेरिकी कंपनियों Chevron और TI Capital, तथा क़तर की UCC के बीच एक 2 मिलियन बैरल प्रतिदिन की क्षमता वाला तेल पाइपलाइन प्रोजेक्ट जल्द साइन होने वाला है। यह पाइपलाइन बासरा से हदीथा तक फैलेगी और आगे टर्की के जिहान तथा सीरिया के बानियास बंदरगाहों तक जुड़ने की योजना है, जिससे इराक के तेल निर्यात में रणनीतिक बदलाव आएगा। इस समझौते को इराक की ऊर्जा सुरक्षा और अमेरिकी ऊर्जा कंपनियों के निवेश को सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विशेषज्ञों की राय और भविष्य की संभावनाएँ

अटलांटिक काउंसिल की विक्टोरिया टेलर ने कहा कि अल‑ज़ैदी का व्यापारिक दृष्टिकोण कुछ हद तक आकर्षक है, लेकिन “राजनीतिक जटिलताएँ” उन्हें आसान नहीं बनाएँगी। चैथम हाउस के रेनाद मंसूर ने चेताया कि निरस्त्रीकरण के प्रयासों में इराक सरकार को मिलिशिया समूहों से प्रतिशोध का जोखिम है, जिससे स्थिरता को खतरा हो सकता है। फिर भी, दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग और ऊर्जा बुनियादी ढांचे में निवेश के अवसर इस मुलाकात को एक रणनीतिक मोड़ बनाते हैं।