ईरान ने दावा किया है कि अमेरिकी हवाई हमलों में 30 से अधिक नागरिक मारे गए हैं, जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के बुनियादी ढांचे को तबाह करने की कड़ी चेतावनी दी है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • ईरान के दक्षिणी हिस्सों पर अमेरिकी हमलों में 30 से अधिक नागरिकों की मौत की खबर।
  • राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी है कि बातचीत की मेज पर न लौटने पर अगले हफ्ते बिजली संयंत्रों और पुलों को निशाना बनाया जाएगा।
  • ईरान ने जवाबी कार्रवाई में बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है।
  • होर्मुज जलडमरूमध्य के पास सैन्य तनाव अपने चरम पर है।

मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ईरान ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि हाल ही में दक्षिणी ईरान पर किए गए अमेरिकी हवाई हमलों में 30 से अधिक निर्दोष नागरिक मारे गए हैं। ईरानी सरकारी प्रवक्ता फातेमेह मोहजेरानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस घटना की पुष्टि करते हुए पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और सरकार द्वारा पूर्ण सहायता का वादा किया।

सैन्य संघर्ष और नागरिक हताहत

सैन्य झड़पों की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ईरान की सेना ने भी पुष्टि की है कि बुधवार तड़के सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत के बम्पूर काउंटी में एक सैन्य छावनी पर हुए हमले में सात सैनिक शहीद हुए हैं। अमेरिकी मिसाइलों ने सैन्य केंद्र के बैरक, गेस्टहाउस और गार्ड पोस्ट को निशाना बनाया, जिससे भारी क्षति हुई है। यह हमला उस समय हुआ जब अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास वाणिज्यिक शिपिंग की सुरक्षा के नाम पर ईरान के तटीय क्षेत्रों में सैन्य अभियान तेज कर दिए हैं।

ट्रंप की 'अल्टीमेटम' वाली चेतावनी

इस बढ़ते संकट के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में ट्रंप ने ईरान को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि तेहरान बातचीत की मेज पर वापस नहीं आता है, तो अगले सप्ताह अमेरिकी हमले और भी विनाशकारी होंगे। ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा, "हम उनके बिजली संयंत्रों और पुलों को निशाना बनाएंगे। हम उनके पूरे पावर ग्रिड को ठप कर देंगे।"

क्षेत्रीय अस्थिरता और वैश्विक प्रभाव

ईरान ने भी अपनी प्रतिक्रिया में खामोश रहने के बजाय अमेरिका के क्षेत्रीय सहयोगियों के ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर ईरान ने यह संदेश दिया है कि वह इस युद्ध को केवल अपनी सीमाओं तक सीमित नहीं रहने देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष जारी रहता है, तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्ग, विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य, पूरी तरह से बाधित हो सकते हैं।