ईरान की संसद ने एक नया कानून पारित किया है जिसके तहत अमेरिकी और इजरायली मीडिया जैसे 'शत्रुतापूर्ण' विदेशी आउटलेट्स को इंटरव्यू देना अब एक गंभीर अपराध माना जाएगा। इस कानून के उल्लंघन पर दोषियों को 30 साल तक की जेल हो सकती है।
मुख्य बातें
- ईरान में 'शत्रुतापूर्ण' विदेशी मीडिया को इंटरव्यू देना अब गैरकानूनी होगा।
- अमेरिकी और इजरायली मीडिया आउटलेट्स को विशेष रूप से लक्षित किया गया है।
- अपराधियों को 30 साल तक की कठोर कारावास की सजा मिल सकती है।
- नागरिकों को इंटरव्यू देने से पहले सरकार को सूचित करना पड़ सकता है।
ईरान के विधायी निकाय ने मीडिया नियंत्रण को लेकर एक अत्यंत सख्त रुख अपनाते हुए एक नया बिल पारित किया है। इस कानून के तहत, ईरानी नागरिकों के लिए अमेरिकी, इजरायली और अन्य 'शत्रुतापूर्ण' विदेशी मीडिया संस्थानों को बयान देना या साक्षात्कार देना अब एक दंडनीय अपराध होगा। यह कदम देश के भीतर सूचना के प्रवाह को नियंत्रित करने और विदेशी प्रभाव को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
कानून की कठोरता और सजा का प्रावधान
नए कानून के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति प्रतिबंधित मीडिया आउटलेट्स के साथ बातचीत करता पाया जाता है, तो उसे भारी कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ेगा। सजा के प्रावधानों में 30 साल तक की जेल शामिल है। इसके अतिरिक्त, सरकार अब नागरिकों से यह भी अपेक्षा कर सकती है कि वे किसी भी विदेशी मीडिया के साथ बातचीत करने से पहले आधिकारिक रूप से सरकार को सूचित करें और अनुमति प्राप्त करें।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह कानून ईरान की भू-राजनीतिक स्थिति में बढ़ते तनाव को दर्शाता है। अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान के संबंध ऐतिहासिक रूप से शत्रुतापूर्ण रहे हैं। इस कानून के माध्यम से, तेहरान न केवल सूचना के प्रसार को नियंत्रित करना चाहता है, बल्कि देश के भीतर राजनीतिक असंतोष को दबाने के लिए एक कानूनी हथियार भी तैयार कर रहा है।
यह कानून अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर एक सीधा प्रहार है, जो ईरान को दुनिया के सबसे बंद सूचना क्षेत्रों में से एक बना देगा।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: ईरान लंबे समय से पश्चिमी मीडिया को 'प्रचार मशीनरी' के रूप में देखता रहा है। 1979 की क्रांति के बाद से, देश ने सूचना के प्रवाह पर कड़ा नियंत्रण बनाए रखा है, लेकिन यह नया कानून पिछले दशकों के सबसे सख्त कानूनों में से एक माना जा रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: क्या यह कानून केवल पत्रकारों पर लागू होता है?
नहीं, यह कानून आम नागरिकों पर भी लागू होता है जो विदेशी मीडिया को बयान देते हैं।
प्रश्न 2: किन मीडिया आउटलेट्स को 'शत्रुतापूर्ण' माना जाएगा?
मुख्य रूप से अमेरिकी और इजरायली मीडिया, लेकिन सरकार के पास अन्य आउटलेट्स को भी इस श्रेणी में डालने का अधिकार है।