नोबेल शांति पुरस्कार विजेता दिमित्री मुरतोव ने चेतावनी दी है कि रूस यूक्रेन पर विजय प्राप्त नहीं कर सकता, वह केवल उसे नष्ट कर सकता है। उन्होंने रूसी सरकार द्वारा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दमन पर भी गहरी चिंता जताई है।

मुख्य बातें

  • नोबेल विजेता दिमित्री मुरतोव के अनुसार, यूक्रेन को जीता नहीं जा सकता, केवल नष्ट किया जा सकता है।
  • रूस में राजनीतिक कैदियों की संख्या सोवियत काल के KGB दौर से भी तीन गुना बढ़ गई है।
  • मुरतोव ने चेतावनी दी कि रूसी राज्य मीडिया में परमाणु हथियारों के उपयोग पर चर्चा बढ़ रही है।
  • 'नोवाया गाज़ेटा' समाचार पत्र को सरकार द्वारा राष्ट्रीयकृत कर दिया गया है।

नोबेल शांति पुरस्कार विजेता दिमित्री मुरतोव ने एक विस्फोटक साक्षात्कार में कहा है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अब यूक्रेन में जीत का दावा नहीं कर सकते। मुरतोव, जिन्होंने 2021 में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए नोबेल पुरस्कार जीता था, का मानना है कि रूस यूक्रेन पर नियंत्रण पाने में विफल रहा है और अब केवल विनाश की ओर बढ़ रहा है।

दमन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अंत

मुरतोव ने बताया कि कैसे रूस में स्वतंत्र पत्रकारिता को कुचल दिया गया है। उनके द्वारा सह-स्थापित समाचार पत्र, नोवाया गाज़ेटा, अब अस्तित्व में नहीं है क्योंकि सरकार ने इसकी प्रिंटिंग प्रेस का राष्ट्रीयकरण कर दिया और इसकी पंजीकरण रद्द कर दिया। मुरतोव के अनुसार, रूस में बोलने वाले लोगों पर इतना कड़ा प्रहार किया जा रहा है कि वर्तमान में कम से कम 1,500 लोग जेल में हैं, जो कि सोवियत संघ के सबसे क्रूर KGB युग की तुलना में तीन गुना अधिक है।

BozokMedia विश्लेषण: क्यों यह महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि रूस के भीतर लोकतांत्रिक संस्थाओं का पतन और स्वतंत्र मीडिया का खात्मा पुतिन की सत्ता को और अधिक निरंकुश बना रहा है। जब देश के भीतर ही असहमति की आवाज़ों को 'विदेशी एजेंट' या 'आतंकवादी' करार दिया जाता है, तो यह वैश्विक सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन जाता है।

"आप यूक्रेन को नष्ट कर सकते हैं, लेकिन आप इसे जीत नहीं सकते। विनाश का अर्थ परमाणु हथियारों का उपयोग तक हो सकता है।" - दिमित्री मुरतोव

मुरतोव ने इस बात पर भी चिंता जताई कि रूसी राज्य मीडिया और सरकारी मंचों पर परमाणु हथियारों के उपयोग की चर्चा सामान्य होती जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पुतिन का उद्देश्य रूस की सुरक्षा सुनिश्चित करना था, तो आज रूस की सुरक्षा वास्तव में बढ़ी है या नहीं, जबकि ड्रोन हमले और आर्थिक संकट बढ़ रहे हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

रूस में स्वतंत्र पत्रकारिता का इतिहास संघर्षों से भरा रहा है। नोवाया गाज़ेटा ने अन्ना पोलिटकोव्स्काया जैसे पत्रकारों को खोया, जिन्होंने चेचन्या युद्ध और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठाई थी। आज, मुरतोव खुद को 'विदेशी एजेंट' के रूप में देखे जाने के बावजूद, रूसी समाज के नैतिक पतन के खिलाफ लड़ रहे हैं।

क्या आप जानते हैं?: दिमित्री मुरतोव ने यूनीसेफ के माध्यम से यूक्रेनी शरणार्थियों की मदद करने के लिए अपने नोबेल पुरस्कार पदक की नीलामी कर दी थी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. दिमित्री मुरतोव कौन हैं?
वह एक प्रसिद्ध रूसी पत्रकार और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता हैं, जिन्हें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए जाना जाता है।

2. 'विदेशी एजेंट' का दर्जा क्या है?
रूस में यह एक कानूनी लेबल है जिसका उपयोग सरकार द्वारा उन आलोचकों को लक्षित करने के लिए किया जाता है जो सत्ता के खिलाफ बोलते हैं।