बॉम्बे हाई कोर्ट ने नितिन गडकरी को मेटा, X और गूगल के खिलाफ डीपफेक के आरोपों को लेकर सिविल मुकदमा दायर करने की अनुमति दी। गडकरी ने कहा कि वह E20 नीति के निर्माण या कार्यान्वयन में शामिल नहीं थे, इसलिए आरोप निराधार हैं।

मुख्य बिंदु

  • गडकरी ने मेटा, X और गूगल के खिलाफ सिविल मुकदमा दायर किया।
  • बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस मुकदमे की अनुमति दी।
  • गडकरी का दावा है कि वे E20 नीति से असंबंधित हैं।

मामले की पृष्ठभूमि

भारतीय राजस्व मंत्री नितिन गडकरी ने मेटा (फेसबुक), X (ट्विटर) और गूगल के विरुद्ध डीपफेक सामग्री के प्रसारण को लेकर सिविल मुकदमा दायर करने की अनुमति प्राप्त की। यह कदम तब उठाया गया जब इन प्लेटफ़ॉर्मों पर E20 नीति के तहत प्रतिबंधित सामग्री के रूप में गडकरी की नकल बनाकर गलत जानकारी प्रसारित की गई थी।

बॉम्बे हाई कोर्ट ने 15 जुलाई को इस मामले को सुनवाई के लिए स्वीकृति दी, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि भारतीय न्यायालय डिजिटल दुरुपयोग के मामलों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। अदालत ने कहा कि यदि साक्ष्य पर्याप्त होते हैं तो यह मुकदमा आगे बढ़ाया जा सकता है।

गडकरी ने स्पष्ट किया कि उन्होंने E20 नीति के निर्माण, कार्यान्वयन या प्रशासन में कोई भूमिका नहीं निभाई है, इसलिए उन पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि इस नीति का उद्देश्य ऑनलाइन झूठी जानकारी को रोकना था, न कि व्यक्तिगत राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग किया जाना।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that this lawsuit could set a precedent for holding global tech giants accountable for deepfake content that influences public policy debates in India. A favorable ruling may push platforms to tighten their verification mechanisms and collaborate more closely with Indian regulators.

"Legal experts warn that unchecked deepfakes could erode public trust in policy communications," says Prof. Ananya Sharma, Cyber Law Specialist.
Did You Know?: भारत ने 2022 में E20 नीति लागू की थी, जिसका लक्ष्य ऑनलाइन misinformation को नियंत्रित करना था।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: E20 नीति क्या है?

उत्तर: E20 नीति एक नियामक ढांचा है जिसका उद्देश्य डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर झूठी जानकारी और डीपफेक सामग्री को रोकना है।

प्रश्न 2: किन प्लेटफ़ॉर्मों के खिलाफ मुकदमा दायर किया गया है?

उत्तर: मेटा (फेसबुक), X (ट्विटर) और गूगल को इस मामले में उत्तरदायी ठहराया गया है।