आंध्र प्रदेश सरकार विशाखापट्टनम के वेलमपेटा स्लम के लिए एक नया पुनर्विकास मॉडल अपना रही है, जो भविष्य में पूरे राज्य के शहरी स्लम क्षेत्रों के कायाकल्प का आधार बनेगा।
मुख्य बिंदु
- वेलमपेटा स्लम का पुनर्विकास 'धारावी मॉडल' की तर्ज पर किया जाएगा।
- परियोजना का वित्तपोषण सरकारी फंड के बजाय 'ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स' (TDR) के माध्यम से होगा।
- 1,986 वर्ग मीटर के छोटे क्षेत्र में 45 मीटर ऊंची हाई-राइज आवासीय इमारत बनाई जाएगी।
- सफल पायलट प्रोजेक्ट के बाद पूरे आंध्र प्रदेश के लिए एक नई स्लम पुनर्विकास नीति तैयार की जाएगी।
आंध्र प्रदेश सरकार ने भीड़भाड़ वाले शहरी बस्तियों को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। विशाखापट्टनम के वेलमपेटा स्लम से शुरू होने वाले इस नए पुनर्विकास मॉडल का उद्देश्य निवासियों को विस्थापित किए बिना उन्हें उनके अपने इलाके में ही आधुनिक आवास प्रदान करना है।
इस परियोजना को ग्रेटर विशाखापट्टनम नगर निगम (GVMC) द्वारा 'डिज़ाइन, बिल्ड, फाइनेंस और ट्रांसफर' (DBFT) आधार पर कार्यान्वित किया जाएगा। इस मॉडल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह सीधे सरकारी खजाने पर वित्तीय बोझ डाले बिना विकास अधिकारों (Development Rights) के मूल्य का लाभ उठाएगा।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि सरकार अब पारंपरिक सब्सिडी-आधारित आवास के बजाय मार्केट-लिंक्ड मॉडल की ओर बढ़ रही है। TDR अनुपात 1:4 तक निर्धारित किया गया है, जिसका अर्थ है कि निजी बिल्डर निर्माण लागत के बदले विकास अधिकार प्राप्त करेंगे। यह दृष्टिकोण न केवल लागत कम करता है बल्कि शहरी भूमि के अधिकतम उपयोग को भी सुनिश्चित करता है।
"इन-सीटू (In-situ) पुनर्विकास शहरी गरीबी को मिटाने का सबसे प्रभावी तरीका है क्योंकि यह सामाजिक ताने-बाने और आजीविका के स्रोतों को नष्ट नहीं करता।"
परियोजना की व्यवहार्यता बढ़ाने के लिए, सरकार ने आंध्र प्रदेश भवन नियमों में विशेष छूट दी है। इसमें कम सेटबैक और पार्किंग प्रावधानों में ढील शामिल है, ताकि सीमित स्थान में अधिकतम आवास इकाइयां बनाई जा सकें। कुल 177 आवास इकाइयों का निर्माण किया जाएगा।
| विशेषता | पारंपरिक मॉडल | नया वेलमपेटा मॉडल |
|---|---|---|
| वित्तपोषण | सरकारी बजट / अनुदान | TDR (विकास अधिकार) |
| स्थान | शहर के बाहर विस्थापन | इन-सीटू (उसी स्थान पर) |
| निर्माण शैली | कम ऊंचाई वाले घर | हाई-राइज कॉम्प्लेक्स (45 मीटर) |
वेलमपेटा के बाद, नगर प्रशासन आयुक्त को मध्यम वर्ग के आवास और स्लम पुनर्विकास के लिए एक व्यापक मसौदा नीति तैयार करने का निर्देश दिया गया है, जिससे पूरे राज्य में शहरी कायाकल्प का मार्ग प्रशस्त होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: TDR मॉडल क्या है?
प्रश्न 2: क्या निवासियों को उनके इलाके से हटाया जाएगा?