कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने आधिकारिक कार्यक्रमों में 'वन्दे मातरम्' को अनिवार्य रूप से गाने के सरकारी फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने तर्क दिया कि अत्यधिक समय लेने वाले ये नियम सम्मान के बजाय जनता में झुंझलाहट पैदा कर सकते हैं।
मुख्य बातें
- केंद्र सरकार ने 'वन्दे मातरम्' को राष्ट्रगान के समान वैधानिक सुरक्षा प्रदान की है।
- अब आधिकारिक कार्यक्रमों की शुरुआत और अंत में पूरा राष्ट्रीय गीत गाना अनिवार्य होगा।
- शशि थरूर ने इसे 'मानवीय स्वभाव' की अनदेखी और अव्यावहारिक बताया है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता और तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर ने मंगलवार को केंद्र सरकार के उस फैसले की कड़ी आलोचना की, जिसके तहत अब किसी भी आधिकारिक समारोह के प्रारंभ और समापन पर राष्ट्रगान के साथ-साथ पूरे 'वन्दे मातरम्' को गाना अनिवार्य कर दिया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हाल ही में 'राष्ट्रीय सम्मान (संशोधन) विधेयक, 2026' को अपनी सहमति दे दी है।
थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस कानून का उद्देश्य राष्ट्रीय गीत के प्रति सम्मान बढ़ाना हो सकता है, लेकिन इसका परिणाम इसके बिल्कुल विपरीत हो सकता है। उन्होंने व्यावहारिक कठिनाइयों की ओर इशारा करते हुए कहा कि जहां राष्ट्रगान (जन गण मन) में लगभग 52 सेकंड लगते हैं, वहीं पूरा राष्ट्रीय गीत गाने में 3 मिनट 10 सेकंड का समय लगता है।
यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह विवाद केवल समय का नहीं बल्कि प्रतीकों के राजनीतिकरण का है। जब तमिलनाडु जैसे राज्य अपने राज्य गीत (तमिल थाई वझ्तु) को भी इसमें जोड़ते हैं, तो एक साधारण समारोह की शुरुआत में ही 6 मिनट और अंत में 6 मिनट (कुल 12 मिनट) का समय केवल गीतों के लिए निर्धारित होगा। थरूर का तर्क है कि सम्मान और धैर्य को कानून के जरिए थोपा नहीं जा सकता।
"जब देशभक्ति को अनिवार्य औपचारिकताओं में बदल दिया जाता है, तो वह अक्सर श्रद्धा के बजाय बोझ बन जाती है।"
ऐतिहासिक रूप से, 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम' केवल राष्ट्रगान के अपमान को दंडनीय बनाता था। अब 2026 के संशोधन के बाद, वन्दे मातरम् का अपमान करना भी एक आपराधिक अपराध होगा, जिसमें तीन साल तक की कैद या जुर्माना हो सकता है।
| विशेषता | राष्ट्रगान (जन गण मन) | राष्ट्रीय गीत (वन्दे मातरम्) |
|---|---|---|
| समय अवधि | ~52 सेकंड | ~3 मिनट 10 सेकंड (पूर्ण) |
| कानूनी स्थिति | पहले से संरक्षित | अब समान वैधानिक संरक्षण |
| अनिवार्यता | आधिकारिक समारोहों में | अब अनिवार्य (संशोधन 2026) |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. राष्ट्रीय सम्मान (संशोधन) विधेयक, 2026 क्या है?
यह विधेयक 'वन्दे मातरम्' को राष्ट्रगान के समान कानूनी दर्जा देता है और इसके अपमान को दंडनीय अपराध बनाता है।
2. इस कानून के उल्लंघन पर क्या सजा हो सकती है?
अपराध की गंभीरता के आधार पर तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।