नागपट्टिनाम कलेक्टर के. जे. प्रवीण कुमार ने NHAI के ₹1,905 करोड़ मूल्य के चार लेन वाले हाईवे की प्रगति, पुथुर राउंडअबाउट नवीनीकरण और वेत्तर पुल की स्थिति का निरीक्षण किया। इस परियोजना से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और स्थानीय अर्थव्यवस्था में नई गति मिलने की उम्मीद है।
नागपट्टिनाम कलेक्टर के. जे. प्रवीण कुमार ने बुधवार को सतन्नाथपुरम्‑नागपट्टिनाम चार‑लेन हाईवे परियोजना के निर्माण स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा संचालित यह 50 किमी लंबी परियोजना, लगभग ₹1,905 करोड़ की अनुमानित लागत पर चल रही है और दक्षिण तमिलनाडु में जल परिवहन, व्यापार और पर्यटन को सुदृढ़ करने के लिए रणनीतिक महत्व रखती है।
परियोजना का वर्तमान चरण और मुख्य बिंदु
निर्माण कार्य प्रारम्भिक चरण से ही गति ले चुके हैं। कलेक्टर ने विशेष रूप से दो प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान दिया: पुथुर राउंडअबाउट का आधुनिकीकरण और पनंगुड़ी में 300 मीटर लंबा वेत्तर पुल। राउंडअबाउट के पुनर्निर्माण से ट्रैफ़िक जाम में कमी आएगी, जबकि नया पुल नदियों के पार बेहतर संचार स्थापित करेगा, जिससे किसान और छोटे व्यापारियों को बाजार तक आसान पहुँच मिलेगी।
स्वास्थ्य सुविधाओं की जाँच
निर्माण स्थल निरीक्षण के बाद, कलेक्टर ने नागपट्टिनाम नगर पालिका के टाटा नगर में स्थित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (UPHC) का दौरा किया। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, दवाओं की उपलब्धता और आपातकालीन सुविधाओं की स्थिति का मूल्यांकन किया। इस यात्रा से यह स्पष्ट हुआ कि बुनियादी ढाँचा विकास के साथ‑साथ स्वास्थ्य सेवाओं को भी सुदृढ़ करना प्रशासन की प्राथमिकता है।
स्थानीय प्रशासन और NHAI का सहयोग
परियोजना निदेशक गौरव (NHAI) और नागपट्टिनाम राजस्व विभागीय अधिकारी संकरणारायणन ने कलेक्टर को वर्तमान कार्य‑प्रगति, बजट उपयोग और संभावित चुनौतियों के बारे में विस्तृत रिपोर्ट दी। दोनों अधिकारियों ने कलेक्टर के त्वरित कार्य निर्देशों को स्वीकार किया और कार्य को शीघ्रता से पूरा करने के लिए अतिरिक्त manpower और मशीनरी की व्यवस्था का आश्वासन दिया।
भविष्य के प्रभाव और आर्थिक संभावनाएँ
इस हाईवे का पूर्ण हो जाना न केवल तमिलनाडु के दक्षिणी तट को मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जोड़ देगा, बल्कि समुद्री व्यापार, पर्यटन और कृषि निर्यात के लिए नई राहें खोलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की बुनियादी ढाँचा निवेश से क्षेत्र में प्रतिवर्ष लगभग ₹5,000 करोड़ अतिरिक्त आर्थिक गतिविधि उत्पन्न हो सकती है, जिससे रोजगार सृजन और स्थानीय आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों से अनुरोध किया कि कार्य में कोई भी देरी न हो और गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जनता की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, विशेषकर पुल निर्माण के दौरान जलवायु‑सुरक्षा उपायों को लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया।