आंध्र प्रदेश सरकार ने ₹31,000 करोड़ मूल्य के धान की खरीद कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है, जिसमें 95% किसानों को 24 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया गया है।
आंध्र प्रदेश ने कृषि क्षेत्र में एक अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल करते हुए धान की खरीद में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले मंत्री नदेंडला मनोहर ने विजयवाड़ा में आयोजित एक समीक्षा बैठक के दौरान घोषणा की कि राज्य सरकार ने पिछले दो वर्षों में रिकॉर्ड 74 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की है। यह आंकड़ा पिछले प्रशासन के 42 लाख मीट्रिक टन के मुकाबले एक बड़ी छलांग है।
डिजिटल सुधार और त्वरित भुगतान प्रणाली
राज्य सरकार की सबसे बड़ी सफलता किसानों को मिलने वाले त्वरित भुगतान में रही है। मंत्री मनोहर के अनुसार, कुल ₹31,000 करोड़ की खरीद प्रक्रिया के तहत 11.53 लाख किसानों को भुगतान किया गया है, जिसमें से 95% राशि सीधे उनके बैंक खातों में 24 घंटे के भीतर हस्तांतरित कर दी गई है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने QR कोड-आधारित ट्रैकिंग, ट्रैक-एंड-ट्रेस सिस्टम और व्हाट्सएप के माध्यम से किसान पंजीकरण जैसी आधुनिक तकनीकों को लागू किया है।
राष्ट्रीय स्तर पर मॉडल बना आंध्र प्रदेश
आंध्र प्रदेश की 10% टूटे चावल (Broken Rice) की नीति को अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है। केंद्र सरकार ने इस मॉडल को पूरे देश में अपनाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, आगामी खरीफ सीजन के लिए सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जैसे रैथु सेवा केंद्रों पर सीधे जूट के बोरों की आपूर्ति और परिवहन खर्च का 48 घंटों के भीतर भुगतान। विवादों को कम करने के लिए राज्य भर में एक समान नमी मीटर (Moisture Meters) भी लगाए जा रहे हैं।
जलवायु चुनौतियों का सामना
कृषि विशेषज्ञों और सरकार ने एल नीनो (El Niño) के संभावित प्रभाव को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है, जो धान के उत्पादन को प्रभावित कर सकता है। सरकार ने कृषि विभाग और वैज्ञानिकों के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई है ताकि फसल के नुकसान को न्यूनतम किया जा सके। भारतीय खाद्य निगम (FCI) के अधिकारियों ने भी आंध्र प्रदेश के इन सुधारों की सराहना की है, जो अब अन्य राज्यों के लिए एक मार्गदर्शक बन रहे हैं।