मुंबई के वडाला में एक 34‑वर्षीय कारपेंटर ने 22वीं मंजिल से गिरते हुए अपनी जान गंवा दी। पुलिस ने इस हादसे को आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (ADR) के तहत दर्ज किया और ठेकेदार की संभावित लापरवाही की जांच शुरू की है।

मुंबई के वडाला क्षेत्र में स्थित 22‑मंजिला स्लम पुनर्वास प्राधिकरण (SRA) भवन के छत पर काम कर रहे 34‑वर्षीय कारपेंटर धर्मेन्द्र प्रजापति का 6 जुलाई को गिरते हुए मृत पाया गया। प्रजापति उत्तर प्रदेश के देओरिया जिले के मूल निवासी थे, जो तीन महीने पहले रोजगार की तलाश में मुंबई आए थे।

घटना का कालक्रम

रात के समय, प्रजापति ने संभवतः नींद में उठकर अपनी संतुलन खो दी, जिससे वह 22वीं मंजिल से नीचे गिर गया। गिरने के तुरंत बाद, नीचे के निवासी ने खून से सना शरीर देखा और पुलिस को सूचित किया। घटनास्थल पर मौजूद कई घरों के मालिकों ने बताया कि भवन का कब्जा पहले ही सौंप दिया गया था, परन्तु छत पर मरम्मत कार्य अभी जारी था।

पुलिस की कार्रवाई और प्रारम्भिक जांच

राक मार्ग पुलिस ने तत्काल घटना स्थल पर एक आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (ADR) दर्ज की। जांच में यह देखा जा रहा है कि क्या ठेकेदार या निर्माण स्थल के प्रबंधन में लापरवाही हुई। दो दिन बाद, पुलिस ने वसई में स्थित ठेकेदार को ट्रेस कर दिया और प्रजापति के रिश्तेदारों से संपर्क किया। भारी बारिश और वसई में बिजली कटौती के कारण ठेकेदार का मोबाइल बंद था, जिससे संपर्क में देरी हुई।

मजदूर सुरक्षा और प्रवासी कामगारों की स्थिति

यह घटना भारत में श्रमिक सुरक्षा के मुद्दे को फिर से उजागर करती है। कई प्रवासी मजदूर अस्थिर परिस्थितियों में काम करते हैं, जहाँ उचित सुरक्षा उपकरण, प्रशिक्षण और आवास की कमी होती है। राष्ट्रीय श्रम कोड के तहत नियोक्ता की जिम्मेदारी है कि वे जोखिम‑मुक्त कार्यस्थल प्रदान करें, परन्तु व्यावहारिक रूप में अक्सर यह नियम तोड़ दिया जाता है।

भविष्य की संभावनाएँ और नियामक कदम

यदि जांच में ठेकेदार की लापरवाही सिद्ध होती है, तो संभावित कानूनी कार्रवाई में जुर्माना, लाइसेंस रद्दीकरण और भविष्य में ऐसे निर्माण कार्यों के लिए कड़ी निगरानी शामिल हो सकती है। साथ ही, श्रमिक कल्याण बोर्ड और स्थानीय प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी स्रास्‍त्रों में सुरक्षा मानक लागू हों, विशेषकर उच्च-इमारतों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए।

घटना के बाद, प्रजापति के परिवार ने शोक व्यक्त किया और न्याय की माँग की। यह दुखद घटना न केवल एक परिवार को प्रभावित करती है, बल्कि शहर में निर्माण सुरक्षा के प्रति जागरूकता भी बढ़ाती है।