दिल्ली में चुनावी रोल के विशेष पुनरीक्षण कार्य (SIR) में लगे एक शिक्षक ने रानी झांसी फ्लाईओवर से कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया। सुसाइड नोट में उन्होंने काम के भारी बोझ को इसका कारण बताया है।
नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली से एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ चुनावी प्रक्रियाओं के महत्वपूर्ण कार्यों में लगे एक शिक्षक ने अत्यधिक मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या का प्रयास किया। 45 वर्षीय आनंद कुमार सरोहा, जो दिल्ली सरकार के सर्वोदय बाल विद्यालय में गणित के शिक्षक हैं, ने गुरुवार को रानी झांसी फ्लाईओवर से लगभग 30 फीट की ऊंचाई से छलांग लगा दी।
घटना का विवरण और तत्काल राहत
पुलिस के अनुसार, घटना दोपहर लगभग 4:33 बजे की है। फ्लाईओवर से कूदने के बाद सरोहा गंभीर रूप से घायल हो गए और उनके दोनों हाथों में फ्रैक्चर हो गया। स्थानीय राहगीरों ने उन्हें लहूलुहान हालत में देखा और तुरंत पुलिस व एम्बुलेंस को सूचित किया। उन्हें पहले हिंदू राव अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए एक अन्य विशेषज्ञ अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार, फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं।
सुसाइड नोट में काम के दबाव का खुलासा
घटनास्थल से पुलिस को एक हस्तलिखित नोट बरामद हुआ है, जिसने इस पूरे मामले में प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नोट में सरोहा ने हिंदी में लिखा है, "काम का अत्यधिक दबाव है। पिछले तीन-चार दिनों से मुझे महसूस हो रहा है कि मेरा स्वास्थ्य बिगड़ रहा है। इसलिए, मैं यह निर्णय स्वयं ले रहा हूँ।" यह नोट स्पष्ट रूप से संकेत देता है कि शिक्षक अत्यधिक कार्यभार और मानसिक थकान से जूझ रहे थे।
प्रशासनिक जिम्मेदारी और पृष्ठभूमि
सरोहा न केवल एक नियमित शिक्षक थे, बल्कि उन्हें विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी। उन्हें सदर बाजार क्षेत्र के बूथ नंबर 141-150 के पर्यवेक्षक अधिकारियों की निगरानी का कार्य दिया गया था। यह घटना सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों पर बढ़ते प्रशासनिक बोझ और उनके मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी की ओर इशारा करती है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या कार्यस्थल पर प्रबंधन की कोई कमी थी जिसने इस आत्मघाती कदम को प्रेरित किया।