गाज़ियाबाद में लगातार बारिश के कारण जलजमाव में 3‑साल की बच्ची डूबी, परिवार ने राष्ट्रीय राजमार्ग‑9 पर नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की। यह घटना शहर की जल निकासी प्रणाली की गंभीर कमी को उजागर करती है।
गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश – गुरुवार को लगातार बरसते वर्षा के कारण शहर के कई हिस्सों में जलजमाव बढ़ गया, और इसी कारण एक 3‑साल की बच्ची अपने घर के पास स्थित एक गली में डूब कर अपनी जान गंवा बैठी। स्थानीय निवासी राम कुमार के अनुसार, लगभग तीन फुट (लगभग 90 सेमी) गहरी जलभारी गली में बच्ची डूबी, और उसकी लाश चार घंटे बाद बरामद हुई।
घटना का विस्तृत विवरण
बच्ची का घर नजदीकी एनएच‑9 के साथ स्थित था, जहाँ जल निकासी के लिए उचित नालियों की कमी थी। बरसात के बाद सड़क के किनारे की चौड़ीकरण कार्यों ने मौजूदा जलस्तर को और बढ़ा दिया, जिससे गली में पानी जमा हो गया। स्थानीय लोग बताते हैं कि इस क्षेत्र में पिछले साल भी समान जलजमाव की समस्याएँ देखी गई थीं, परंतु नगर निगम द्वारा कोई ठोस उपाय नहीं किए गए।
परिवार का विरोध प्रदर्शन
बच्ची के परिवार ने तुरंत ही उसके शव को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग‑9 के किनारे एक विरोध प्रदर्शन किया। सड़कों पर जमा हुए नागरिकों ने "नगर निगम की लापरवाही को रोको" और "सख्त कार्रवाई की मांग" जैसे नारे लगाए। यह प्रदर्शन न केवल स्थानीय निवासियों की निराशा को दर्शाता है, बल्कि जल निकासी संबंधी सरकारी नीतियों में पारदर्शिता और जवाबदेही की माँग भी करता है।
एनसीआर में व्यापक जलजमाव की समस्या
गाज़ियाबाद के साथ-साथ निकटवर्ती नोएडा, शास्त्री नगर और वसुंधरा सेक्टर‑13 में भी गंभीर जलजमाव दर्ज किया गया। लगातार बारिश के कारण कई सड़कों पर पानी जमा हो गया, ट्रैफ़िक जाम और बिजली के खंभों का झुकना जैसी घटनाएँ सामने आईं। वसुंधरा सेक्टर‑13 में एक निर्माणाधीन बेसमेंट के पास सड़क का हिस्सा गिरकर एक कार और स्कूटर को नीचे धकेल दिया, जिससे संपत्ति का भारी नुकसान हुआ।
प्राधिकरणों की प्रतिक्रिया और जिम्मेदारी
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली‑एनसीआर क्षेत्र के लिए भारी वर्षा अलर्ट जारी किया है और अगले कुछ दिनों में तीव्र बारिश की संभावना जताई है। हालांकि, स्थानीय नगरपालिका द्वारा जल निकासी की दीर्घकालिक योजना, नालियों का विस्तार और सतही जल प्रवाह को नियंत्रित करने के उपाय अभी तक लागू नहीं हुए हैं। कई वर्षों से इस दिशा में कई प्रतिनिधित्व किए जा चुके हैं, परंतु ठोस कार्यवाही नहीं हुई, जिससे जनता का विश्वास टूट रहा है।
भविष्य की दिशा और संभावित समाधान
विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसमी बदलाव तेज हो रहे हैं, जिससे अचानक और तीव्र वर्षा की घटनाएँ बढ़ रही हैं। इस संदर्भ में नगर निगम को न केवल मौजूदा जल निकासी ढांचे को सुधारना चाहिए, बल्कि सतत मॉनिटरिंग, जल संग्रहण प्रणाली और सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रमों को भी लागू करना चाहिए। केवल तभी ऐसी त्रासदियों को रोका जा सकेगा और शहर की बुनियादी ढाँचा सुरक्षित रहेगा।