भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेलबर्न में भारतीय समुदाय के कार्यक्रम में भारत की आर्थिक उन्नति और वैश्विक विश्वास पर प्रकाश डाला, जबकि नौसेना का ड्रिस्टी‑10 UAV पोर्बंदर के पास दुर्घटनाग्रस्त हुआ। इस बीच, आयकर विभाग ने समलैंगिक दम्पति की कर छूट याचिका को खारिज किया, और कई अन्य राजनीतिक एवं न्यायिक मामलों पर भी चर्चा हुई।
पिछले दिन की प्रमुख खबरों में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मेलबर्न में भारतीय समुदाय के कार्यक्रम में दिया गया संबोधन प्रमुख रहा, जहाँ उन्होंने देश की तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और वैश्विक विश्वास को रेखांकित किया। इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के गवर्नर‑जनरल सैम मोस्टिन से मुलाक़ात की और दोनों देशों के बीच बहुआयामी साझेदारी को मजबूत करने की बात कही।
नौसेना का ड्रिस्टी‑10 UAV दुर्घटना
गुरुवार सुबह, गुजरात के पोर्बंदर जिले के धरमपुर गांव के पास एक भारतीय नौसेना का ड्रिस्टी‑10 स्टारलाइनेर UAV दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस घटना के बाद बोर्ड ऑफ इनक्वायरी (BoI) की स्थापना की गई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि तकनीकी खराबी, संचार लिंक का विफल होना या किसी अन्य प्रणालीगत समस्या का कारण था। यह दुर्घटना भारतीय सशस्त्र बलों के उन्नत एयरोस्पेस क्षमताओं पर प्रकाश डालती है।
समलैंगिक दम्पति की कर छूट याचिका
आयकर विभाग ने बॉम्बे हाई कोर्ट में एक अफ़िडेविट दायर कर समलैंगिक दम्पति द्वारा दायर कर छूट याचिका को खारिज कर दिया। याचिका में दम्पति ने विवाह के समानार्थी 'स्पाउस' शब्द को विस्तारित करने की माँग की थी। आयकर विभाग ने बताया कि वर्तमान कानून के तहत 'स्पाउस' शब्द का प्रयोग केवल वैध विवाह पर सीमित है।
राजनीति और न्यायिक अपडेट्स
मद्रास उच्च न्यायालय ने पूर्व डीएमके मंत्री ई.वी. वेलू के खिलाफ जारी 'लुक आउट सर्कुलर' को रोका, जबकि कर्नाटक के विपक्षी नेता पिनारायी विजयन ने वयानद झरने की दुर्घटना में प्रशासनिक लापरवाही की निंदा की। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनाविस ने एक सात-सदस्यीय पैनल की स्थापना की है, जो राज्य में यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड का मसौदा तैयार करेगा।
अंतरराष्ट्रीय और न्यायिक मुद्दे
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान 11 जेटों के नीचे गिरने का दावा किया, जिसे कई विशेषज्ञों ने विवादास्पद बताया। सुप्रीम कोर्ट ने मेघालय में हुए हनीमून हत्याकांड में गिरफ्तारी के लिखित कारणों पर बड़े पैनल को संदर्भित करने का निर्णय लिया।
समापन
इन घटनाओं से स्पष्ट होता है कि भारत की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय नीतियों में लगातार बदलाव और चुनौतियाँ चल रही हैं, जिनका सामना सरकार, न्यायपालिका और समाज को मिलकर करना होगा।