नॉर्थ‑वेस्ट दिल्ली के रौहिनी सेक्टर‑16 में दो इमारतों के ढहने के बाद मृतकों की संख्या तीन हो गई। पुलिस ने दो अतिरिक्त शव बरामद किए और निर्माण दोष के लिए मामले में आरोप दर्ज किए।
नॉर्थ‑वेस्ट दिल्ली के रौहिनी सेक्टर‑16 में बुधवार शाम भारी बारिश के दौरान दो चार‑मंजिला इमारतें ध्वस्त हो गईं, जिससे कई लोगों को मलबे में फँसा हुआ माना गया। पहले ही दिन एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हो चुकी थी, और अगले दिन दो और शव बरामद होने से मृतकों की कुल संख्या तीन हो गई।
घटना का विस्तृत विवरण
भारी वर्षा के बीच लगभग दोपहर 4:20 बजे इमारतें गिर गईं। दिल्ली निकाय (MCD) के अनुसार दोनों इमारतें दो सटे‑सटे प्लॉटों पर निर्माणाधीन थीं। स्थानीय निवासी, दिल्ली फायर सर्विसेज, राष्ट्रीय आपदा प्रत्युत्तर बल (NDRF) और अन्य एजेंसियों ने मिलकर बचाव कार्य शुरू किया। प्रारम्भिक रिपोर्टों में बताया गया कि कम से कम पाँच लोग अभी भी मलबे के नीचे फँसे हो सकते हैं।
पीड़ितों की पहचान और परिवारों की प्रतिक्रिया
पुलिस ने बताया कि बरामद हुए दो शव रैम दुआ और काफे के हैं। रैम दुआ की पत्नी और बहु उस प्लॉट की मालिक थीं जहाँ निर्माण कार्य चल रहा था, जबकि काफे एक मजदूर थे जो साइट पर काम कर रहे थे। काफे का भाई ठेकेदार के रूप में जुड़ा था। दुआ के परिवार ने बताया कि वे दो‑मंजिला घर में रहते थे, जिस पर दो साल पहले विस्तार का काम शुरू किया गया था।
रैम किशोर के परिवार ने उनके शव को मोर्टuary से लेने से इनकार कर दिया और पत्नी‑बच्चों के लिए मुआवजे की मांग में विरोध प्रदर्शन किया। उनके दोहरे भाई श्याम किशोर ने कहा, “एक बड़ा पत्थर उसके सिर पर गिरी, वह धीर‑धीर सांस ले रहा था जब उसे मलबे से बाहर निकाला गया, फिर उसे अस्पताल में मृत घोषित किया गया।”
जाँच और संभावित कारण
पुलिस ने इस घटना के संबंध में निर्माण दोष, लापरवाही और संभावित हत्यात्मक कृत्य के लिए बीएनएस धारा के तहत मामला दर्ज किया है। मौसम का प्रभाव अभी तक पुष्टि नहीं हुआ है, लेकिन कई सूत्रों ने संकेत दिया है कि प्लंबिंग कार्य या नींव की कमजोरी ने इस आपदा को तेज़ किया हो सकता है।
भविष्य की दिशा और चेतावनी
यह त्रासदी दिल्ली में अनियमित निर्माण और खराब नियोजन की एक फिर से दोहराई गई कहानी है। शहर में लगातार बढ़ती जनसंख्या और सीमित भूमि के कारण कई बार मौजूदा इमारतों के विस्तार को जल्दबाजी में किया जाता है, जिससे सुरक्षा मानकों की उपेक्षा होती है। विशेषज्ञों ने स्थानीय प्रशासन से अपील की है कि भविष्य में सभी निर्माण कार्यों की कड़ी निगरानी और नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए।
स्थानीय निवासियों ने भी इस घटना के बाद अपने घरों की संरचना की जाँच कराई है और निकटवर्ती इमारतों पर संभावित जोखिम को कम करने के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।