हैरीयाणवी संगीत उद्योग से उभरे दीपक नंदल, अब लंदन से चलाए जाने वाले एक्सटॉर्शन जाल के कारण राष्ट्रीय स्तर पर वांछित है। गुरुग्राम में पुलिस के साथ हुई गोलीबारी में उनके चार सहयोगियों की मौत हुई, जिससे केस की जटिलता बढ़ी।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- दीपक नंदल लंदन से एक्सटॉर्शन नेटवर्क चलाता
- गुड़गांव में पुलिस के साथ गोलीबारी में 4 सहयोगी मारे गए
- नंदल के खिलाफ कई मामलों में वांछित है, जिसमें हत्या, जबरन वसूली और फायरिंग शामिल हैं
दीपक नंदल, जो कभी हरियाणवी संगीत के लोकप्रिय प्रोड्यूसर और रैपर थे, अब राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के सबसे अधिक वांछित अपराधियों में से एक बन चुका है। रोहतक के इस 39 साल के युवक ने 2024 में दुबई के रास्ते भारत छोड़ दिया और लंदन में शरण ली, जहाँ से वह विदेश से ही आपराधिक गतिविधियों का संचालन करता है।
संगीत से अपराध की ओर बदलाव
नंदल ने अपने शुरुआती करियर में राहुल फज़िलपुरिया और बदशाह जैसे मशहूर गायक के साथ काम किया। लेकिन पुलिस का कहना है कि हरियाणा में आपराधिक गिरोहों के साथ उनका धीरे‑धीरे जुड़ाव हुआ, जिससे छोटे‑छोटे झगड़े बड़े जबरन वसूली और गोलीबारी में बदल गए। 2009 में सादर बाज़ार में एक हत्या के प्रयास का मामला दर्ज हुआ, जिसमें बाद में उन्हें बरी कर दिया गया, पर यह पहली झलक थी उनके भविष्य के अपराधी प्रोफ़ाइल की।
गुड़गांव में हालिया गोलीबारी
गुरुग्राम के शुशांत लोक में गुरुवार को हुई गोलीबारी में नंदल के चार सहायक मारे गए और एक घायल हो गया। पुलिस के अनुसार, ये लोग 10 करोड़ रुपये की जबरन वसूली की मांग के बाद एक व्यवसायी के घर को निशाना बनाने के लिये निकले थे। इस घटनाक्रम ने नंदल के नाम को फिर से सार्वजनिक किया और राष्ट्रीय स्तर पर जांच को तेज कर दिया।
लंदन से चलाए जाने वाले जाल के मुख्य बिंदु
विशेष सेल के अनुसार, नंदल ने लंदन से ही विभिन्न व्यवसायों—जैसे रियल एस्टेट, निर्माण कंपनियों और व्यक्तिगत उद्यमियों—पर दबाव बनाकर बड़ी रकम वसूली की है। अगस्त 2025 में गुड़गांव के रियल एस्टेट डीलर रोहित शौकीन की हत्या में भी उनका नाम आया था। सितंबर 2025 में MNR बिल्डर्स के ऑफिस पर 25‑30 गोलीबारी और अक्टूबर 2025 में करनाल के यूनिसिस इन्फो सॉल्यूशंस पर 55‑60 राउंड फायर किए जाने की जिम्मेदारी भी उन पर लगाई गई।
भविष्य की संभावनाएँ और पुलिस की रणनीति
पुलिस ने नंदल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ट्रैक करने के लिए इंटरपोल के साथ सहयोग किया है और लंदन में उसकी वित्तीय लेन‑देन की निगरानी बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नंदल को विदेश में गिरफ्तार नहीं किया गया तो वह और अधिक जटिल नेटवर्क स्थापित कर सकता है, जिससे NCR के व्यावसायिक माहौल पर गंभीर असर पड़ सकता है।