भारतीय रेलवे ने टिकट बुकिंग की अग्रिम अवधि को 120 दिन से घटाकर 60 दिन कर दिया है। जनरल कोटा बुकिंग रोज़ सुबह 8 बजे खुलती है, जबकि टाटकाल बुकिंग एसी के लिए एक दिन पहले 10 बजे और गैर‑एसी के लिए 11 बजे शुरू होती है। आधार सत्यापन अनिवार्य किया गया है ताकि वास्तविक यात्रियों को प्राथमिकता मिल सके।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • अग्रिम बुकिंग अब 60 दिन तक सीमित
  • जनरल कोटा बुकिंग रोज़ सुबह 8 बजे शुरू
  • टाटकाल बुकिंग में एसी 10 वजे, गैर‑एसी 11 वजे; आधार सत्यापन अनिवार्य

भारतीय रेलवे की टिकट बुकिंग प्रक्रिया को अक्सर एक मैराथन के समान माना जाता है, खासकर छुट्टियों और त्यौहारों के मौसम में। नई आरक्षण नीतियों को समझना यात्रियों को वेटलिस्ट से बचाकर पुष्टि किए हुए सीटें पाने में मदद करता है। इस लेख में हमने प्रमुख बदलावों का विस्तृत विश्लेषण किया है, जिससे यात्रियों को बुकिंग का बेहतर रणनीतिक दृष्टिकोण मिल सके।

अग्रिम बुकिंग अवधि में बड़ा बदलाव

पहले 120 दिनों की अग्रिम बुकिंग अवधि को अब 60 दिनों तक सीमित कर दिया गया है (यात्रा तिथि को छोड़कर)। इसका मतलब है कि ट्रेन के मूल स्टेशन से प्रस्थान से 61 दिन पहले बुकिंग खुलती है। यह परिवर्तन जनवरी 2026 से लागू हुआ है, और 31 अक्टूबर 2026 तक की सभी मौजूदा बुकिंग वैध रहेंगे। यात्रियों को अब कम समय में योजना बनानी पड़ेगी, इसलिए यात्रा की तिथि तय होते ही तुरंत बुकिंग शुरू करना आवश्यक है।

बुकींग सीमा और विशेष अपवाद

प्रत्येक अनुरोध में अधिकतम छह यात्रियों के लिए ही सीटें आरक्षित की जा सकती हैं। हालांकि, सभी ट्रेनों पर 60‑दिन नियम लागू नहीं होता; कुछ इंटरसिटी डेज़ ट्रेनों में यह अवधि कम हो सकती है। इसलिए यात्रा की योजना बनाते समय IRCTC पोर्टल पर विशिष्ट ट्रेन की बुकिंग विंडो की जाँच करना अनिवार्य है।

जनरल कोटा बुकिंग का समय

जनरल कोटा बुकिंग उसी दिन सुबह 8 बजे शुरू होती है जब बुकिंग विंडो खुलती है। यह समय विशेष रूप से वंदे भारत एक्सप्रेस, राजधानी एक्सप्रेस और शताब्दी एक्सप्रेस जैसे हाई‑डिमांड ट्रेनों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इन ट्रेनों में सीटें कुछ ही मिनटों में समाप्त हो जाती हैं।

टाटकाल बुकिंग के विस्तृत नियम

टाटकाल बुकिंग आधिकारिक तौर पर यात्रा से एक दिन पहले शुरू होती है। एसी क्लास के लिए बुकिंग सुबह 10 बजे खुलती है, जबकि गैर‑एसी क्लास के लिए 11 बजे। यह “ओपनिंग डे” ट्रेन के मूल स्टेशन से प्रस्थान को दर्शाता है, न कि बोर्डिंग स्टेशन को। टाटकाल की सीमित सीटें तेज़ी से बिकती हैं, इसलिए समय पर लॉग‑इन कर तुरंत बुक करना आवश्यक है।

आधार सत्यापन अनिवार्य

जैसे-जैसे टिकट धोखाधड़ी बढ़ी, भारतीय रेलवे ने आधार सत्यापन को अनिवार्य कर दिया है। आधार‑ऑथेंटिकेटेड IRCTC उपयोगकर्ता को जनरल आरक्षित सीटों पर प्राथमिकता मिलती है, विशेषकर बुकिंग विंडो के पहले दिन। नियमित रूप से ऑनलाइन टिकट बुक करने वाले यात्रियों को अपने IRCTC प्रोफ़ाइल में आधार लिंक करना चाहिए, ताकि वे इस लाभ का पूरा फायदा उठा सकें।

भविष्य की संभावनाएँ और सुझाव

इन बदलावों का उद्देश्य टिकट बुकिंग को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना है, जिससे वास्तविक यात्रियों को प्राथमिकता मिले। हालांकि, 60‑दिन की सीमा से यात्रा योजना में अधिक लचीलापन कम हो सकता है, विशेषकर लंबी दूरी की ट्रेनों के लिए। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने यात्रा कार्यक्रम को अंतिम रूप देते ही तुरंत बुकिंग कर लें, और आधार सत्यापन को अपने IRCTC खाते में सक्रिय रखें। इस प्रकार, नई नियमावली का पूर्ण लाभ उठाकर वेटलिस्ट से बचा जा सकता है।